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Fatty Liver: लिवर में फैट बनने से कैसे रोकें, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताए इसके लिए जरूरी उपाय; आप भी जानिए

Fri, 09 May 2025 09:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अधिक जंक फूड, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड खाने की आदत, शारीरिक रूप से निष्क्रियता, नींद की कमी और अत्यधिक तनाव की समस्या लिवर में फैट बढ़ने की दिक्कत बढ़ाने वाली हो सकती है।
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लिवर में फैट जमने की समस्या - फोटो : Freepik.com
लिवर में फैट जमने की समस्या सभी उम्र के लोगों में देखी जा रही है, कम उम्र वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, आज के समय की ये आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गई है। अगर समय रहते इसपर ध्यान न दिया जाए या फिर इसे नियंत्रित न की जाए, तो इसके कारण लिवर सिरोसिस, फाइब्रोसिस यहां तक कि लिवर कैंसर का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जिस तरह से लाइफस्टाइल-खान पान की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं उसने लिवर में फैट बढ़ने की समस्या को भी बढ़ा दिया है।

फैटी लिवर वह स्थिति है जब लिवर की कोशिकाओं में वसा की मात्रा सामान्य से अधिक मात्रा में जमा होने लग जाती है। सामान्यतः लिवर में 5% से कम वसा होनी चाहिए, लेकिन यदि यह मात्रा 5-10% से अधिक हो जाए तो इससे  फैटी लिवर रोग का खतरा हो सकता है।
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लिवर की बढ़ती बीमारियों का खतरा - फोटो : adobe stock images
देश में हर तीसरे व्यक्ति को हो सकती है ये बीमारी

आंकड़ों से पता चलता है कि देश में हर तीसरे व्यक्ति को फैटी लिवर डिजीज की समस्या हो सकती है। मधुमेह और अन्य मेटाबॉलिक विकारों के कारण होने वाली इस बीमारी का खतरा उन लोगों में भी तेजी से बढ़ाता हुआ देखा जा रहा है, जो लोग शराब भी नहीं पीते हैं। इस तरह की स्थिति को नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) कहा जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अधिक जंक फूड, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड खाने की आदत, शारीरिक रूप से निष्क्रियता, नींद की कमी और अत्यधिक तनाव की समस्या लिवर में फैट बढ़ने की दिक्कत बढ़ाने वाली हो सकती है।
  • अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसी स्थितियों के कारण भी लिवर में फैट जमा होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • एनएएफएलडी वाले लोगों पर किए गए शोध से पता चलता है कि इसके शिकार 60-70% लोग मोटापे का शिकार होते हैं।
  • मोटापे की स्थिति टाइप-2 डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ाने वाली हो सकती है, जिसके कारण भी लिवर की समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
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लिवर की बढ़ती बीमारियों की क्या वजह है? - फोटो : Adobe stock
क्या कहता है स्वास्थ्य मंत्रालय?

लिवर में फैट की समस्या क्यों बढ़ती जा रही है, इसके लिए कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुछ गड़बड़ आदतों के बारे में बताया है जिसमें सुधार करके लिवर की इस समस्या से बचाव किया जा सकता है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके लिए दिनचर्या को ठीक रखने की सलाह दी है। आइए जानते हैं कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ किन कारणों को लिवर में फैट बनने के लिए जिम्मेदार मानते हैं?
  • नींद पूरी न होना।
  • धूम्रपान की आदत।
  • नियमित व्यायाम न करना या वजन अधिक होना। 
  • एनर्जी ड्रिंक्स या मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन।
 
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लिवर की बीमारियों का जोखिम - फोटो : Freepik.com
फैटी लिवर की समस्या से कैसे बचें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जीवनशैली में कुछ बदलाव करके आप लिवर की इस समस्या से बचे रह सकते हैं।
  • अगर आपका वजन अधिक है, इसमें 7-10% कमी करके भी लिवर की समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
  • संतुलित आहार जिसमें हाई-फाइबर, लो कार्ब्स और लो फैट वाली चीजें हों इनकी मदद से भी लिवर में फैट की समस्या को कम किया जा सकता है।
  • हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की शारीरिक गतिविधि के माध्यम से भी फैटी लिवर से बचाव किया जा सकता है।
  • शराब का सेवन कम करने से भी लिवर की समस्याओं से बचा जा सकता है।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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