कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ने को हृदय रोगों का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। हार्ट हेल्थ के बारे में जानने के लिए जब आप लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराते हैं तो क्या उसमें
ट्राइग्लिसराइड्स लेवल बढ़ा हुआ आता है? अगर हां तो इसे अनदेखा करने की भूल न करें। ट्राइग्लिसराइड्स आगे चलकर दिल की बीमारी, स्ट्रोक, फैटी लिवर और यहां तक कि पैंक्रियाटाइटिस जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ट्राइग्लिसराइड्स खून में मौजूद एक प्रकार का फैट है, जो शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है। लेकिन जब इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है तो यह रक्त वाहिकाओं और हृदय के लिए खतरा बन जाता है। डॉक्टर कहते हैं, ऑफिस में घंटों बैठकर काम करना, जंक फूड्स, कोल्ड ड्रिंक्स जैसी गड़बड़ खान-पान की आदतें चुपचाप ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा सकती हैं।
अधिकतर लोगों में शुरुआती दौर में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। अगर आपके खून में भी फैट की मात्रा बढ़ी हुई है तो तुरंत सावधान हो जाइए।