देशभर में इस समय मानसून सक्रिय है। महाराष्ट्र-गुजरात सहित कई राज्यों में बारिश और बाढ़ की स्थिति के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर में भी बुधवार को भारी बारिश हुई, जिसके चलते कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति देखी गई। सेहत के नजरिए से जलजमाव की स्थिति को काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है, इससे कई प्रकार की बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है।
मानसून के दिनों में मच्छर जनित बीमारियों का तो खतरा रहता ही है साथ ही बाढ़ और जलजलाव वाले स्थानों पर भोजन-जल की अशुद्धता से संबंधित समस्याओं का भी जोखिम हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बाढ़ वाले स्थानों पर हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी विभिन्न जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। हर साल इससे संबंधित बड़ी संख्या में मरीजों को अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है।
कुछ बीमारियां तो ऐसी हैं जिनका अगर समय पर इलाज न हो पाए तो इससे गंभीर जटिलताओं और जानलेवा समस्याओं तक का खतरा भी रहता है।