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Health Study: इन दो गंभीर समस्याओं से जूझ रही है हर दूसरी भारतीय मां, जानिए क्या होता है सेहत पर असर

Thu, 28 May 2026 07:52 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ज्यादातर भारतीय महिलाओं के लिए मातृत्व का पहला अध्याय शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सबसे ज्या दा चुनौतीपूर्ण दौर होता है। इस दौरान उनकी सेहत पर भी कई तरह के असर देखे जाते हैं। इसी से संबंधित एक हालिया रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिन्हें आपके लिए भी जानना जरूरी है।
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तनाव-नींद की कमी - फोटो : Amarujala.com/AI
भारतीय महिलाओं की सेहत हमेशा से सवालिया घेरे में रही है। कई रिपोर्ट्स लगातार अलर्ट करते रहे हैं कि महिलाओं में एनीमिया एक बड़ा खतरा है। करीब 57% भारतीय महिलाएं और लड़कियां इसका शिकार हैं। इसी क्रम में अब भारतीय मांओं में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर अलर्ट किया जा रहा है।

देश के एक जाने-माने हेयर-केयर ब्रांड ट्राया द्वारा किए गए अध्ययन में चेताया गया है कि देश में हर दो में से एक महिला स्ट्रेस और नींद की कमी का शिकार है। ये दोनों ही स्थितियां दीर्घकालिक तौर पर कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।

लगातार तनाव और खराब नींद का असर सिर्फ मां की सेहत पर नहीं बल्कि पूरे परिवार, बच्चों की देखभाल और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता और पोषण की कमी बनी रहती है, तब हार्मोनल असंतुलन, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, डिप्रेशन और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। 
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भारतीय मांओं में स्ट्रेस-नींद की समस्या का खतरा - फोटो : Freepik.com
अध्ययन में क्या पता चला?

इस अध्ययन में 76,727 भारतीय मांओं को शामिल किया गया। इनमें वे महिलाएं भी थीं जो अभी प्रेग्नेंट हैं, जिनके बच्चे एक साल से कम उम्र के हैं या जो अभी स्तनपान कराती हैं। निष्कर्ष में विशेषज्ञों ने कई चौंकाने वाली जानकारियां साझा की हैं।

हर दो में से एक भारतीय मां ने बताया कि उनकी नींद ठीक से पूरी नहीं हो पाती और बहुत ज्यादा स्ट्रेस का शिकार रहती हैं।
 
  • 53% से ज्यादा भारतीय माताओं ने बताया कि उनकी नींद ठीक से पूरी नहीं होती। 
  • कई माताओं ने कहा कि वे रात में कई बार जाग जाती हैं, पांच घंटे से भी कम सो पाती हैं या उन्हें सोने में ही काफी दिक्कत होती है। 
  • सिर्फ 31.57% माताओं ने अपनी नींद को सुकून भरी बताया। 
  • 47.35% माताओं ने खुद को 'बहुत ज्यादा तनावग्रस्त बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें हफ्ते में कई बार या लगभग हर दिन तनाव महसूस होता है।
  • लंबे समय तक रहने वाले तनाव का असर उनके मूड, एकाग्रता और नींद पर भी पड़ता है। 
  • 34.54% अन्य माताओं ने कहा कि उन्हें नियमित रूप से तनाव महसूस होता है, लेकिन वे उसे संभालने की कोशिश करती हैं।
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नींद की कमी हो सकता है खतरनाक - फोटो : Freepik.com
सेहत को गंभीर जोखिमों का खतरा

अध्ययन में पाया गया कि मां के अक्सर तनाव में रहने या नींद पूरी न होने से कई तरह की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। 
 
  • प्रेग्नेंसी के दौरान और गर्भावस्था के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण कई महिलाओं में तेजी से बाल झड़ने
  • लगते हैं।
  • लगातार तनाव, नींद की कमी और शारीरिक थकावट बालों की समस्याओं को और भी बढ़ाने वाली मानी जाती है।

ट्राया हेल्थ की सह निदेशक, सलोनी आनंद ने बताया कि यह सिर्फ उनके बालों की बात नहीं है। यह उस नींद की कमी की बात है, उस तनाव की बात है जिसे महिलाएं झेल रही हैं। ये जीवन के उन वर्षों की भी बात है जो उन्होंने खुद को छोड़कर बाकी सबकी देखभाल में बिता दिए।

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नींद कम होने से क्या दिक्कतें होती हैं? - फोटो : Freepik.com
नींद की कमी महिलाओं की सेहत को कैसे प्रभावित करती है?

विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ व्यक्ति के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है, लेकिन कई भारतीय महिलाएं इससे काफी कम नींद ले पा रही हैं। 
 
  • खराब नींद शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित करती है। 
  • नींद पूरी न होने पर कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है। इससे चिंता, चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान बढ़ सकती है। 
  • लगातार नींद की कमी रहने पर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है। 
  • नई मांओं में बच्चे की देखभाल के कारण रात की नींद प्रभावित होती है, जिससे मानसिक और शारीरिक थकावट बढ़ जाती है।
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महिलाओं में स्ट्रेस का खतरा - फोटो : adobe stock images
लगातार तनाव में रहना कितना खतरानक?

भारतीय महिलाओं में मानसिक तनाव भी तेजी से बढ़ रहा है। तनाव की स्थिति में शरीर लगातार कोर्टिसोल  हार्मोन रिलीज करता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर शरीर और दिमाग दोनों प्रभावित होते हैं।
 
  • लगातार स्ट्रेस से डिप्रेशन, एंग्जायटी और पैनिक डिसऑर्डर का खतरा बढ़ सकता है। 
  • तनाव का असर पाचन तंत्र, हार्ट हेल्थ और नींद पर भी पड़ता है। 
  • मानसिक तनाव का असर परिवार और बच्चों पर भी दिखाई देता है क्योंकि मां का मानसिक स्वास्थ्य पूरे घर के माहौल को प्रभावित करता है।


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स्रोत:
Indian mothers aren’t sleeping. They aren’t relaxed. And Their Hair Has Been Paying the Price for Years


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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