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Health Tips: क्या आप भी रोज एनर्जी ड्रिंक्स पीते हैं, जान लें इससे स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?

Fri, 11 Jul 2025 03:20 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Energy Drink Health Risks: अक्सर कुछ लोगों को एनर्जी ड्रिंक पीने की आदत होती है। अधिक मात्रा में एनर्जी ड्रिंक पीने के कई साइड इफेक्ट होते हैं, जो कई बार जानलेवा भी हो सकते हैं। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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कोल्ड ड्रिंक्स - फोटो : freepik.com
Harmful Effects Of Energy Drinks:  आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तुरंत एनर्जी पाने के लिए एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करते हैं। ज्यादातर युवाओं में ये पेय काफी लोकप्रिय है। जैसा की इस पेय के नाम में ही निहित है कि इसको पीने से तुरंत थकान मिटा जाएगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजाना एनर्जी ड्रिंक्स पीना आपके स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है?

एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद अधिक मात्रा में कैफीन, चीनी, और आर्टिफिशियल एलिमेंट होते हैं, जो इंस्टेंट एनर्जी तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। खासकर मानसून के मौसम में, जब हमारा शरीर पहले से ही बीमारियों से लड़ने में लगा होता है, एनर्जी ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन शरीर में गंभीर बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा सकता है। इनका अधिक सेवन जोखिम बढ़ा सकता है। आइए इस लेख में रोजाना एनर्जी ड्रिंक्स पीने के स्वास्थ्य पर प्रभाव और सावधानियों के बारे में जानते हैं।
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Energy Drink - फोटो : Freepik
हृदय और रक्तचाप पर प्रभाव
एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद हाई कैफीन और टॉरिन जैसे तत्व हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ा सकते हैं। रोजाना इनका सेवन करने से हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे अनियमित धड़कन, हाइपरटेंशन, और गंभीर मामलों में हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ता है। अध्ययनों के अनुसार, एक दिन में 2-3 कैन से अधिक एनर्जी ड्रिंक पीना हृदय स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। जो लोग पहले से ही हृदय संबंधी समस्या से परेशान हैं, उनके लिए एनर्जी ड्रिंक पीना सेहत के लिए अधिक हानिकारक हो सकता है।

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डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज का जोखिम
एनर्जी ड्रिंक्स में चीनी की मात्रा अधिक होती है, जो डायबिटीज और मोटापे का खतरे को बढ़ाती है। रोजाना अधिक चीनी का सेवन सेवन करने से शरीर इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है। 

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वेट लॉस - फोटो : Freepik.com
वजन बढ़ने का खतरा
इसके अलावा, ये एनर्जी ड्रिंक्स कैलोरी से भरपूर होते हैं, जो वजन को बढ़ाने का एक बड़ा कारण हैं। आर्टिफिशियल ड्रिंक वाले ड्रिंक्स भी मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं, जिससे वजन बढ़ने का खतरा और अधिक हो जाता है।
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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
नींद को प्रभावित करता है
एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, जिससे अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, और तनाव बढ़ता है। रोजाना इनका सेवन करने से तंत्रिका तंत्र पर दबाव पड़ता है, जिससे चिंता और घबराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 
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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
मानसिक स्वास्थ्य पर असर
जो लोग अधिक मात्रा में एनर्जी ड्रिंक्स पीते हैं, वो धीरे-धीरे इसीपर निर्भर हो जाते हैं। ऐसे में होता क्या है कि जब तक एनर्जी ड्रिंक का असर रहता है, शरीर में ऊर्जा रहती है और फिर कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसी स्थिति में चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव बढ़ता है। इसके अलावा इन ड्रिंक्स में मौजूद आर्टिफिशियल रंग और स्वाद एलर्जी या सिरदर्द का कारण बन सकते हैं।
 
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एनर्जी ड्रिंक्स - फोटो : freepik.com
सलाह
मोटे तौर पर देखा जाए तो, रोजाना एनर्जी ड्रिंक्स पीना हृदय, डायबिटीज, वजन, और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इनके बजाय प्राकृतिक विकल्प जैसे नारियल पानी, नींबू पानी, या हर्बल चाय चुनें। डायबिटीज, हृदय रोग के मरीज अपने डॉक्टर से सलाह के बाद ही कोई पेय पीएं। पर्याप्त नींद लें, संतुलित आहार लें, और दिनचर्या में व्यायाम शामिल करें। इन नेचुरल तरीके से अपनी ऊर्जा का संतुलन बनाएं रखें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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