इमोशनल ईटिंग को आमतौर पर ‘नकारात्मक भावनाओं को शांत करने के लिए जरूरत से ज्यादा खाने’ के तौर पर जाना जाता है। ऐसा करने से नकारात्मक और परेशान करने वाले विचारों और भावनाओं जिसमें गुस्सा, डर, थकान शामिल है, को दबाती है। इस स्थिति में हम प्रतिकूल स्थिति से बाहर निकलने की अस्थायी कोशिश करते हैं। यह कोशिश समस्या को जड़ से खत्म नहीं होती है। करियर, रिलेशनशिप, परिवार या हेल्थ से जुड़ी भावनात्मक परेशानियों के कारण हो सकता है कि लोग बहुत अधिक खाना शुरू कर दें. जो हमें ओवरइटिंग, वजन बढ़ने जैसी बीमारियों को बढ़ावा देता है।