Subah Me Nashta Chorne ke Nuksan: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर लोग सुबह का नाश्ता यानी 'ब्रेकफास्ट' छोड़ देते हैं और सीधा लंच करते हैं। कई बार लोग जल्दबाजी में ऐसा करता है मगर कुछ लोग तो डाइटिंग के नाम पर ये आदत अपना लेते हैं। ब्रेकफास्ट का शाब्दिक अर्थ है 'रात के उपवास को तोड़ना'। जब आप इसे छोड़ते हैं, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और एनर्जी के लेवल में भारी गिरावट आती है। शोध बताते हैं कि जो लोग नियमित रूप से नाश्ता नहीं करते, उनमें टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापे का खतरा काफी अधिक होता है।
नाश्ता न करने से मस्तिष्क को ग्लूकोज की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाती, जिससे दिन भर चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी और थकान महसूस होती है। इसके अलावा सुबह भूखा रहने से लंच के समय आप 'ओवरईटिंग' का शिकार हो जाते हैं, जो सीधे तौर पर वजन बढ़ाने और पाचन तंत्र को बिगाड़ने का काम करता है। इसलिए शरीर को सुचारू रूप से चलाने और अंगों की कार्यप्रणाली को सक्रिय रखने के लिए एक संतुलित नाश्ता बहुत जरूरी है।