इसके लक्षणों की अनदेखी न करें
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बेड रेस्ट है जरूरी
मरीजों को यह समझना जरूरी है कि टीबी की यदि सही समय पर पहचान हो जाए और सही इलाज कराया जाए तो यह रोग पूरी तरह से साध्य है। बोन टीबी के मामले में बेड रेस्ट, अच्छा खानपान, दवाइयां और फिजियोथेरापी आपको सामान्य जिंदगी की ओर लौटाने में मददगार हो सकती हैं। लिहाजा इसके लक्षणों की अनदेखी न करें या इन्हें हल्के में न लें। यह भी याद रखें कि टीबी आम तौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है लेकिन यह रीढ़, मस्तिष्क और किडनी सहित शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है। यदि उचित चिकित्सा नहीं कराई जाए तो यह रोग घातक साबित हो सकता है।
नोट- यह लेख पारस हेल्थकेयर के रेस्पिरेटरी मेडिसिन और चेस्ट इंस्टीट्यूट, चीफ डॉ अरूणेश कुमार से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर अरूणेश कुमार को 20 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपनी डिग्री पटना मेडिकल कॉलेज से ली है।
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