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विशेषज्ञ की सलाह: घर में कोरोना मरीज इन बातों का रखें खास ध्यान, जल्दी हो सकते हैं रिकवर

Wed, 21 Apr 2021 05:51 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik

डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)  


कोरोना महामारी की दूसरी लहर देश में भारी तबाही मचा रही है। हर दिन दो लाख से अधिक लोग संक्रमित हो रहे हैं और हजारों लोगों की मौत हो रही है, जिसकी वजह स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। अस्पतालों के बेड तक खाली नहीं हैं कि कोरोना मरीजों को भर्ती किया जा सके। हालांकि गंभीर स्थिति में ही मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। डॉक्टर और विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर आप कोरोना से हल्के रूप से संक्रमित हुए हैं, तो घर पर रहकर भी कुछ बातों को ध्यान देकर आप जल्दी रिकवर हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी ऐसा ही मानना है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना के लक्षणों को पहचानें 
  • अगर आपको बुखार है, सर्दी-जुकाम हुआ है, गले में खराश है, लगातार खांसी आ रही है, मुंह का स्वाद और सूंघने की क्षमता खत्म हो गई है, सांस लेने में तकलीफ है, थकावट, सिरदर्द, और बदन दर्द है तो सबसे पहले तो आपको खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए, क्योंकि ये सभी कोरोना के लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में आपको कोरोना टेस्ट करा लेना चाहिए और चूंकि ये सभी कोरोना के हल्के लक्षणों में शामिल हैं, इसलिए आपको किसी विशेष प्रकार के इलाज की जरूरत नहीं है, बल्कि आप घर पर रहकर भी ठीक हो सकते हैं। बस आपको समय-समय पर डॉक्टर लेते रहने की जरूरत है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सेल्फ आइसोलेशन में कैसे रहें? 
  • अगर आप संक्रमित हैं तो ऐसे घर के ऐसे कमरे में रहें, जो हवादार हो यानी उसमें खिड़कियां और वेंटिलेशन हों। आप खुद के बर्तन अलग कर लें, उसे किसी के साथ भी साझा न करें और घर के किसी भी सदस्य को अपने कमरे में न आने दें और न ही आप कहीं बाहर जाएं। उनसे आप सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में रह सकते हैं। ज्यादा से ज्यादा आराम करें, स्वस्थ आहार लें और डॉक्टर की सलाह पर दवाइयां लेते रहें। डॉक्टर बताते हैं कि आइसोलेशन पीरियड कम से कम 14 दिनों का होना चाहिए, हालांकि इस बारे में आपको डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सेल्फ आइसोलेशन में इन बातों का रखें ध्यान 
  • मास्क पहन कर रहें और अगर नहीं पहना हुआ है तो खांसते या छींकते वक्त मुंह पर रुमाल या टिश्यू पेपर जरूर रखें। समय-समय पर हाथ साबुन-पानी से धोते रहें। इस बात का भी ध्यान रखें कि अगर आपने अपने नाक या मुंह को छुआ है, तो हाथों को अच्छे से सैनिटाइज करना बिल्कुल न भूलें।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बाथरूम साझा न करें 
  • अगर आप सेल्फ आइसोलेशन में हैं तो यह जरूरी है कि आप अलग बाथरूम का इस्तेमाल करें और उसे किसी के साथ भी साझा न करें। बाथरूम का इस्तेमाल करने के बाद उसे अच्छे से साफ करें। हालांकि अगर मान लीजिए कि आपके घर में एक ही बाथरूम है और उसे परिवार के सभी सदस्य इस्तेमाल करते हैं तो कोशिश करें कि संक्रमित व्यक्ति सबसे आखिर में उसका इस्तेमाल करे और उसके बाद बाथरूम को अच्छे से सैनिटाइज करे, ताकि घर के अन्य सदस्यों को संक्रमण का खतरा न हो। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कब अस्पताल जाने की पड़ सकती है जरूरत?  
  • कोरोना वायरस के कुछ लक्षण गंभीर भी होते हैं, जिनके दिखने पर तुरंत जाने की जरूरत पड़ सकती है। इसमें सांस लेने में दिक्कत, ऑक्सीजन लेवल कम होना, सीने में दर्द होना, होठों का नीला पड़ जाना आदि शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखें तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उनके कहेनुसार कोई भी कदम उठाना चाहिए। 
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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