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Ebola Outbreak: कांगो-यूगांडा के बाद अब फ्रांस में भी इबोला की पुष्टि, सामने आया पहला मामला

Wed, 24 Jun 2026 05:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फ्रांस में इबोला का पहला मामला सामने आया है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में एक मानवीय मिशन से लौटे डॉक्टर के इस जानलेवा वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।
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इबोला का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
इबोला इन दिनों वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। कांगो और यूगांडा से फैला ये संक्रमण दूसरे देशों के लिए भी चिंता बढ़ा रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इबोला के मामलों की संख्या बढ़कर 1,048 हो गई है इसमें 267 लोगों की मौत भी शामिल हैं। रविवार तक के डेटा के अनुसार 371 मरीज आइसोलेशन या हॉस्पिटल में भर्ती थे, जबकि 112 लोग ठीक हो गए थे। कुल मृत्यु दर 25.5 फीसदी था।

कांगो और यूगांडा के बाद अब इबोला दूसरे देशों की ओर भी बढ़ता दिख रहा है। हालिया अपडेट के मुताबिक फ्रांस में इबोला का पहला मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक  कांगो में एक मानवीय मिशन से लौटे डॉक्टर के इस जानलेवा वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। फ्रांसीसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टर को तुरंत एक खास आइसोलेशन सेंटर में भेजा गया और अभी उनकी हालत स्थिर है। 

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो इबोला के बड़े प्रकोप से जूझ रहा है।
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इबोला का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
यूरोप में इबोला की एंट्री

यूरोप में यह इबोला का पहला कन्फर्म मामला है। हालांकि, पिछले महीने एक अमेरिकी डॉक्टर (जिनकी जांच डीआर में पॉजिटिव आई थी) का इलाज जर्मनी के एक अस्पताल में किया गया था। कांगो के पड़ोसी देश युगांडा में भी इबोला के मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वहां अब तक 20 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है और दो लोगों की मौत हो चुकी है।
 
  • फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि आम लोगों के लिए संक्रमण का खतरा फिलहाल बहुत कम है।
  • स्वास्थ्य अधिकारी उन सभी लोगों की पहचान करने और उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, जो संक्रमित डॉक्टर के संपर्क में आए हो सकते हैं।

संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए फ्रांस ने कांगो और प्रभावित क्षेत्रों से लौटने वाले राहतकर्मियों और सहायता मिशनों में शामिल लोगों की निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम भी शुरू किया है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण का समय रहते पता लगाया जा सके।
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इबोला का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
इबोला का प्रकोप बढ़ा रहा चिंता

अफ्रीका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) और अमेरिका की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियों का मानना है कि मौजूदा इबोला प्रकोप इतिहास के सबसे बड़े प्रकोपों में से एक बन सकता है।

डीआर कांगो में फिलहाल संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले देश के पूर्वी हिस्सों-इतुरी, साउथ किवु और नॉर्थ किवु प्रांतों में दर्ज किए जा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका इतुरी है, जहां पुष्टि किए गए 90 प्रतिशत से अधिक मामले सामने आए हैं और यही संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।

मौजूदा प्रकोप इबोला वायरस की ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेम के कारण फैला है। इस प्रकार के वायरस के खिलाफ फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ये फिलहाल इस प्रकोप को लेकर सबसे बड़ी चिंता की बात है।
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इबोला का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
इबोला को लेकर यूनिसेफ भी जता चुका है चिंता

इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए, यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रंस फंड (यूनिसेफ) ने यहां बच्चों की सेहत को लेकर अलर्ट जारी किया है। यूनिसेफ ने चेतावनी दी कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के करीब 29.5 लाख बच्चे और किशोरों की सेहत गंभीर खतरे में है। इन बच्चों को सिर्फ इबोला वायरस से ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं और दूसरी जरूरी सुविधाओं से बाधित होने से भी जोखिम है।

इबोला के कुल पुष्ट मामलों में लगभग 15 प्रतिशत बच्चे और किशोर हैं, जबकि इस बीमारी से हुई पुष्ट मौतों में बच्चों की संख्या 25 प्रतिशत से अधिक है। ये स्थितियां इबोला को और खतरनाक बना रही हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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