शोध में क्या पता चला है
जर्नल ऑफ न्यूट्रिशियन पत्रिका में प्रकाशित शोध में बताया गया है कि दही एंडोटॉक्सिन्स को रोकने में सहायक है, जो कि सूजन संबंधी मॉलिक्यूल को बढने से रोकता है। अमेरिका में विस्कॉन्सिन-मैडिसन यूनिवर्सिटी के एक सहायक प्रोफेसर ब्रैड बोलिंग ने शरीर के तंत्र पर दही के प्रभाव का अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि एस्पिरिन, नैप्रोक्सेन, हाइड्रोकोर्टिसोन और प्रीडिसोन जैसी एंटी-इनफ्लेमेट्री (सूजन संबधी) दवाओं की मदद से सूजन के प्रभाव को कम किया जा सकता है।