देश में कोरोना वायरस संक्रमण के साथ पिछले दिनों ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस), व्हाइट और येलो फंगस के मामले भी सामने आए हैं। विशेषज्ञ इन तीनों को काफी संक्रामक और गंभीर मानते हैं। इतना ही नहीं ब्लैक फंगस को कई राज्यों ने महामारी तक घोषित कर दिया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक 28 हजार से ज्यादा लोग ब्लैक फंगस की चपेट में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पहले भी ब्लैक फंगस संक्रमण के मामले आते रहे हैं, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में स्टेरॉयड के ज्यादा इस्तेमाल के कारण यह ज्यादा चर्चा में आ गया है। चूंकि इस बारे में पहले से लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है इसलिए इसको लेकर काफी भ्रम का माहौल भी देखने को मिल रहा है।
ब्लैक फंगस के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच लोगों में आसानी से इसकी पहचान कर पाना अब तक चिंता बना हुआ था। हालांकि अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसे किट के बारे में बताया है जिससे 24-48 घंटे के भीतर ही संक्रमण का पता लगाया जा सकेगा। यह किट इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रोगियों में म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण का जितना जल्दी पता चल जाए उनका इलाज उतना ही आसान हो जाता है और जान बचाने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।