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Diabetes Study: क्या वाइन पीने से कम होता है टाइप-2 डायबिटीज का खतरा? अध्ययन में सामने आई यह जानकारी

Tue, 08 Mar 2022 05:53 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज में वाइन पीने के फायदे - फोटो : Pixabay
डायबिटीज, वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारियों में से एक है। आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में 54 करोड़ से अधिक लोग इस गंभीर रोग से पीड़ित है। भारत के लिए आंकड़े और भी डराने वाले हैं। भारत में अनुमानित रूप से 77 मिलियन (7.7 करोड़) लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, जो चीन के बाद दुनिया में दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश है। दुनिया में मधुमेह से पीड़ित छह लोगों (17%) में से एक भारत से पाए जाते हैं। अध्ययनों में डायबिटीज को 'साइलेंट किलर' डिजीज माना जाता है, जो कई अन्य गंभीर बीमारियों के जोखिम को बढ़ा देती है। 

शरीर में रक्त शर्करा के स्तर के अनियंत्रित रूप से बढ़ जाने की स्थिति मधुमेह रोग का कारण बनती है। इसको प्रतिबंधित करने के लिए इंसुलिन शॉट्स लेने से लेकर, वजन कम करने, अधिक व्यायाम करने और कार्बोहाइड्रेट वाले आहार के सेवन में कमी जैसे कई उपायों को प्रयोग में लाया जाता रहा है। इस बीच एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने वाइन पीने को मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद बताया है। अध्ययनकर्ताओं का दावा है कि वाइन के सेवन से ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल किया जा सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि वाइन, किस तरह से डायबिटीज की समस्या को कम करने में मदद कर सकती है?
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डायबिटीज में रेड वाइन हो सकती है फायदेमंद - फोटो : iStock
वाइन कम कर सकती है ब्लड शुगर का स्तर
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि एक गिलास वाइन का सेवन करने वालों में टाइप -2 डायबिटीज होने की संभावना 14 प्रतिशत कम थी। इस पेय में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स, रक्त शर्करा को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में मददगार पाए गए हैं। डायबिटीज में वाइन के प्रभावों को जानने के लिए शोधकर्ताओं ने 11 वर्षों की अवधि में 3 लाख से अधिक लोगों के डेटा का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि भोजन के साथ वाइन का सेवन करना रक्त शर्करा के स्तर को व्यवस्थित बनाए रखने में मदद कर सकती है।
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भोजन के साथ मध्यम मात्रा में कर सकते हैं वाइन का सेवन - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
मैक्सिको स्थित न्यू ऑरलियन्स यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ बताया कि इस अध्ययन से पता चलता है कि मध्यम मात्रा में वाइन का सेवन करना, टाइप -2 डायबिटीज के प्रबंधन में आपकी मदद कर सकती है। यदि आपमें पहले से कोई कोमारबिडिटी नहीं है तो वाइन के संतुलित सेवन से ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित बनाए रखने में मदद मिल सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वाइन के सकारात्मक असर के चक्कर में इसका ज्यादा सेवन नहीं किया जाना चाहिए, अल्कोहल की अधिक मात्रा कई तरह की समस्याओं को बढ़ावा दे सकती है।

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वाइन में डायबिटीज को नियंत्रित करने वाले गुण - फोटो : Pixabay
वाइन में एंटीऑक्सिडेंट्स की मौजूदगी इसे बनाती है खास
अध्ययनों से पता चलता है कि वाइन में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, पाचन में सुधार करने में सहायक हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो महिलाएं दिन में एक गिलास, और पुरुष भोजन के साथ दो गिलास तक वाइन  पीते हैं, उनमें मधुमेह होने की आशंका कम होती है। हालांकि ध्यान रखने वाली बात यह है कि अध्ययन में सिर्फ वाइन के प्रभावों के बारे में बताया गया है। बियर जैसे शराब के अन्य रूपों के लिए यह  प्रासंगिक नहीं है। 
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अल्कोहल का सेवन हो सकता है नुकसानदायक - फोटो : Pixabay
क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?
अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ता बताते हैं कि हालांकि यह पता लगाने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है कि रेड या व्हाइट, कौन सी वाइन मधुमेह में ज्यादा असरदार हो सकती है? शोधकर्ताओं ने जोर देते हुए कहा है कि भोजन के साथ ही वाइन के डायबिटीज पर सकारात्मक असर देखे गए हैं। वाइन कई मामलों में फायदेमंद है, पर इसका लाभ तभी है जब इसका संयमित मात्रा में सेवन किया जाए। शराब का किसी भी रूप में अधिक सेवन गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।



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स्रोत और संदर्भ
Effects of Initiating Moderate Alcohol Intake on Cardiometabolic Risk in Adults With Type 2 Diabetes

अमर उजाला किसी भी तरह से शराब के सेवन की सलाह नहीं देता है। शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।यह अध्ययन आधारित लेख है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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