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सेहत की बात: क्या ठंडा पानी पीना सेहत को नुकसान पहुंचाता है? जानिए अध्ययनों में क्या पता चला?

Mon, 25 Apr 2022 05:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ठंडा पानी पीना चाहिए या नहीं? - फोटो : iStock
गर्मी के दिनों में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत आवश्यक माना जाता है, और हाइड्रेशन के लिए पानी पीते रहना आवश्यक है। नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज के मुताबिक18 साल से अधिक उम्र के लोगों को प्रतिदिन 3.7 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। शरीर में पानी की कमी के कारण आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। तेज चिलचिलाती धूप में अगर ठंडा पानी मिल जाए तो क्या ही कहने? पर क्या आप जानते हैं कि ठंडा पानी पीने की आदत आपके सेहत को हानि पहुंचा सकती है? गर्मी के दिनों में फ्रीज से निकालकर ठंडा पानी पीना भले ही आपके शरीर को तरावट देता हो, पर विशेषज्ञ इसे सेहत के लिहाज से नुकासनदायक मानते हैं।

अध्ययनों से पता चलता है कि नार्मल पानी पीने की जगह ठंडा पानी पीने वाले लोगों में पेट से संबंधित कई तरह की समस्याओं का जोखिम अधिक होता है। सेहत के लिहाज से इस आदत को हानिकारक माना जाता है, पेट की समस्याओं के साथ ठंडा पानी पीने की आदत आपके शरीर को दीर्घकालिक रूप से भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए अगली बार जब आप फ्रीज से चिल्ड पानी की बोतल निकालें तो इससे होने वाले नुकसान को जरूर याद कर लें। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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ठंडा पानी पीने से क्या होता है? - फोटो : iStock
ठंडा पानी पीने के नुकसान

शोधकर्ताओं का मानना है कि पानी हमेशा सामान्य या हल्का गुनगुना करके ही पानी चाहिए। ठंडा पानी पीने को लेकर किए गए अध्ययनों में सेहत पर इसके कई तरह के नकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं। कुछ अध्ययनों में इस बात के प्रमाण मिलते हैं कि ठंडा पानी पीने से आपका पेट सिकुड़ता है, जिससे भोजन को पचाना कठिन हो जाता है। जो लोग अक्सर ठंडा पानी पीते रहते हैं उनमें पाचन से संबंधित समस्याओं का जोखिम अधिक होता है।
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ठंडा पानी पीने से पेट की दिक्कतें - फोटो : Pixabay
सर्दी-फ्लू की बढ़ सकती है समस्या 

ठंडा पानी, पेट के साथ-साथ शरीर के अन्य अंगों को भी हानि पहुंचाता है।  साल 1978 में किए हए एक छोटे सैंपल के अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि ठंडा पानी पीने से नाक की श्लेष्मा मोटी हो जाती है जिससे श्वसन पथ से संबंधित कठिनाइयां हो सकती हैं। वहीं यदि आपको सर्दी या फ्लू की समस्या है तो विशेष करके ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए, यह  कंजेशन से संबंधित दिक्कतों का कारण बन सकती है।

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माइग्रेन की समस्या - फोटो : iStock
माइग्रेन को कर सकता है ट्रिगर

ठंडे पानी से शरीर पर होने वाले दुष्प्रभावों के एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि यह सिरदर्द का भी कारण बन सकती है। साल 2001 के शोध में पाया गया कि ठंडा पानी पीने से माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है। यदि आप पहले से ही माइग्रेन के शिकार हैं तो ठंडा पानी पीना आपकी समस्या को ट्रिगर कर सकता है। 

साल 2012 के एक अध्ययन के अनुसार, एकेलेसिआ से संबंधित दर्द की समस्या के लिए भी इसे काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस स्थिति में अन्नप्रणाली के माध्यम से भोजन पास करना कठिन हो जाता है।
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ठंडा पानी के सेहत पर प्रभाव - फोटो : Pixels
सिर्फ नुकसानदायक ही नहीं कुछ स्थितियों में लाभ भी हैं

शोधकर्ताओं का कहना है कि ठंडा पानी पीना सिर्फ नुकसानदायक है, यह कहना सही नहीं है, इसके कुछ स्थितियों में लाभ भी हैं। जैसे साल 2012 के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि व्यायाम के दौरान ठंडा पानी पीने से शरीर का तापमान ज्यादा बढ़ने से बचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि ठंडा पानी पीने के लाभ काफी सीमित हैं, ऐसे में यह बेहतर विकल्प नहीं माना जा सकता है।
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कैसा पानी पीना चाहिए? - फोटो : istock
कैसे पानी पीना चाहिए?

शोधकर्ताओं का कहना है कि भले ही गर्मी का मौसम हो, हमेशा सामान्य पानी पीने की ही आदत डालें। वहीं अध्ययनों में हल्के गुनगुने पानी को ज्यादा फायदेमंद बताया गया है। पाचन, रक्त संचार और शरीर से विषाक्तता को निकालने के लिए गुनगुना पानी पीना आपके लिए हमेशा अच्छा विकल्प माना जाता है। गुनगुना पानी पीते रहने से आपको प्यास कम लगती है। गर्मियों में सामान्य पानी पीने की आदत डालें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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