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कोरोना के दुष्प्रभाव: 90 सेकेंड के इस उपाय से जानें कहीं आपको हृदय रोगों की दिक्कत तो नहींं?

Thu, 06 May 2021 09:39 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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हृदय रोग का खतरा बढ़ा - फोटो : iStock
कोरोना वायरस, कई तरह से लोगों को प्रभावित कर रहा है। जिन लोगों को पहले से ही कोई स्वास्थ्य संबंधी बीमारी जैसे हृदय रोग, डायबिटीज या सांस लेने की दिक्कत हो, उनके लिए यह समय और भी खतरनाक माना जा रहा है। विशेषज्ञ, हृदय रोगियों को इस वक्त काफी सतर्क रहने की सलाह देते हैं। 'वर्ल्ड हार्ट ऑर्गेनाइजेशन' के मुताबिक हृदय रोग, दुनिया भर में होने वाली मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। हृदय की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है और इसका जोखिम उम्र के साथ बढ़ जाता है। कोविड के समय में ऐसे रोगियों को और भी सावधान हो जाने की आवश्यकता होती है।
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ज्यादातर हार्ट अटैक होते हैं साइलेंट - फोटो : Pixabay
हार्ट अटैक के ज्यादातर मामले होते हैं साइलेंट
साल 2016 में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने एक अध्ययन में बताया कि हार्ट अटैक के करीब 45 फीसदी मामले साइलेंट होते हैं, जिसका अर्थ है कि ऐसे लोगों में पहले से कोई लक्षण नहीं होता है। ऐसे मामलों को देखते हुए विशेषज्ञ हृदय की सेहत का ख्याल रखना बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं।
 
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सीढ़ियों पर चढ़ने वाले उपाय - फोटो : Getty Images
जानें हृदय की सेहत का हाल
दिसंबर 2020 में प्रकाशित शोध में विशेषज्ञों ने बताया कि जो लोग 90 सेकेंड में 60 सीढ़ियां चढ़ जाते हैं, उनके हृदय को स्वस्थ माना जा सकता है। अध्ययन में 165 ऐसे लोगों को शामिल किया गया जिनको हृदय संबंधी किसी समस्या के लिए जांच कराने की सलाह दी गई थी। इन लोगों को तीव्र गति वाले व्यायाम के बाद 15 से 20 मिनट के आराम की सलाह दी गई। इसके बाद उनसे 60 सीढ़ियां चढ़ने को कहा गया।
 

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हृदय का ख्याल रखना जरूरी - फोटो : Social media
विशेषज्ञों ने इन सभी लोगों के कुल समय और उनकी व्यायाम क्षमता को मेटाबॉलिक समकक्ष (एमईटीएस) के रूप में मापा। विशेषज्ञों ने पाया कि जिन लोगों ने 40-45 सेकंड से कम समय में सीढ़ियां चढ़ लीं, उन्हें 9 से 10 एमईटीएस का पाया गया। इस आधार पर रोगियों के हृदय के स्वास्थ्य का अंदाजा लगाया गया।
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इस उपाय से कर सकते हैं हृदय की जांच - फोटो : Social media
विशेषज्ञों ने बताया कि जिन लोगों को 60 सीढ़ियां चढ़ने में 90 सेकंड से अधिक समय लगता है, उनके हृदय को कमजोर माना जा सकता है, ऐसे लोगों को किसी डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। इन लोगों का एमईटीएस 8 से कम पाया गया। इसे प्रतिवर्ष 2 से 4 प्रतिशत की मृत्यु दर के रूप में देखा जा सकता है।
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कोरोना से बढ़ जाता है हृदय रोग का खतरा - फोटो : Pixabay
कोरोना और हृदय रोग
यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार कोविड-19 के हल्के या बिना लक्षण वाले किसी भी रोगी को लॉन्ग कोविड की शिकायत हो सकती है। एक अध्ययन के दौरान कोविड-19 से ठीक होने के कुछ महीनों बाद जब लोगों का इमेजिंग टेस्ट किया गया तो उनके हृदय की मांसपेशियों में क्षति की समस्या देखने को मिली। हैरान करने वाली बात यह है कि जिन लोगों में कोविड-19 के हल्के लक्षण थे उनके हृदय की मांसपेशियों में भी क्षति दिखाई दिए। इसलिए कोविड से ठीक होने के बाद सभी लोगों को हृदय की जांच कराने की सलाह दी जाती है।
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स्रोत और संदर्भ: 
New WHF Strategy 2021-23: Cardiovascular Health for Everyone
https://www.world-heart-federation.org/news/new-whf-strategy-2021-23-cardiovascular-health-for-everyone/

अस्वीकरण नोट:  यह लेख साइंस इम्युनोलॉजी में छपे अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अमर उजाला राउटर्स के इस रिपोर्ट को लेकर कोई दावा नहीं करता है।
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