पटाखों के शोर और प्रदूषण से करें बचाव
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सावधानी बरतते रहना आवश्यक
डॉक्टर्स कहते हैं, जिन लोगों को पहले से ही हृदय-न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हैं, उन्हें पटाखों के शोर से बचाव करते रहना आवश्यक होता है। कोशिश करें कि शाम के समय घर के भीतर ही रहें। बंद कमरे में रहने से शोर और प्रदूषण दोनों से बचाव किया जा सकता है।
- हृदय की दवाएं नियमित रूप से समय पर लें। सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।
- ध्वनिरहित पटाखों को बढ़ावा दें। बच्चे और पहले से दिल की बीमारी वाले लोग तेज आवाज के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, इन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- ध्वनि और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
- बहुत तेज आवाज करने वाले पटाखों से दूर रहें।
- हृदय रोगी खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतें। लो-फैट, लो-शुगर और लो सोडियम वाली चीजों का ही सेवन करें।
- पटाखों की तेज आवाज से बचने के लिए इयरप्लग पहनें और रात को अच्छी नींद लें।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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