फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Diwali 2022: पटाखों का तेज धमाका कहीं बन न जाए हार्ट अटैक का कारण, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके

Mon, 24 Oct 2022 12:14 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
दीपावली में हृदय रोगी रखें विशेष ध्यान - फोटो : istock
दीपावली उमंग और आनंद का उत्सव है। पटाखे और मिठाइयां इस त्योहार के उत्साह को काफी बढ़ा देती हैं। पर इस उमंग के बीच सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही करना भारी पड़ सकता है। विशेषकर जिन लोगों को पहले से ही हृदय रोग या न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य समस्याएं हैं उन्हें विशेष सावधानी और सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पटाखों के धमाके की शोर इस तरह के रोगों के शिकार लोगों की दिक्कतों को काफी बढ़ा सकते हैं। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि पटाखों के अचानक होने वाले धमाके की आवाज, भले ही वह 90 डेसिबल से कम हो, ऐसे रोगियों के लिए हानिकारक हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पटाखों के धमाके दिल के दौरे का भी कारण बन सकते हैं। एक वैश्विक अध्ययन में पाया गया है कि शोरगुल वाले वातावरण में दिल का दौरा पड़ने की आशंका 72% बढ़ जाती है। इससे तंत्रिकाओं से संबंधित विकारों का जोखिम भी कई गुना तक बढ़ जाता है। हाल के दिनों में जिस प्रकार से हार्ट अटैक के मामले बढ़ते देखे गए है, इस खतरे को ध्यान में रखते हुए सभी उम्र के लोगों को बचाव करते रहने की आवश्यकता है। पहले से ही हृदय रोगों के शिकार लोगों को और भी सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

आइए जानते हैं कि पटाखों के धमाके की आवाज दिल के मरीजों की किस तरह से मुश्किलें  बढ़ा सकती है, साथ ही इससे बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है। 
विज्ञापन

2 of 4
पटाखों की तेज आवाज बढ़ा सकती है आपकी दिक्कत - फोटो : pixabay
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

पुणे स्थित सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्डियक सर्जरी के प्रमुख डॉ हेमंत जौहरी कहते हैं, दीपावली में प्रदूषण के कारण सांस की समस्याओं के जोखिम के बारे में अक्सर बात की जाती है, पर इससे हृदय रोगियों को होने वाली दिक्कतों पर ध्यान नहीं दिया जाता है।

जिन लोगों को दिल की बीमारी है या हाई ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं, ऐसे लोगों के लिए अधिक शोर में जाना मुश्किलों का सबब हो सकता है। पटाखों की अचानक होने वाली तेज आवाज रक्तचाप और हृदय गति को बढ़ा सकती है। इसके कारण कई प्रकार की हृदय से संबंधित जटिलताओं का जोखिम रहता है। 
विज्ञापन

3 of 4
पटाखों के शोर से न्यूरोलॉजिकल विकारों का खतरा - फोटो : istock
न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का भी बढ़ जाता है जोखिम

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अचानक होने वाला शोर कई तरह के न्यूरोलॉजिकल विकारों को भी ट्रिगर कर सकता है। 'स्टार्टल सिंड्रोम' जैसी समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए यह और भी गंभीर माना जाता है। यह मिर्गी के दौरे को भी ट्रिगर कर सकता है। जिन लोगों को पहले से ही इस तरह की समस्याओं का जोखिम बना रहता है, उन्हें दीपावली में बाहर जाने या अधिक शोरगुल वाले माहौल से बचना चाहिए। 
विज्ञापन

4 of 4
पटाखों के शोर और प्रदूषण से करें बचाव - फोटो : iStock
सावधानी बरतते रहना आवश्यक

डॉक्टर्स कहते हैं, जिन लोगों को पहले से ही हृदय-न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हैं, उन्हें पटाखों के शोर से बचाव करते रहना आवश्यक होता है। कोशिश करें कि शाम के समय घर के भीतर ही रहें। बंद कमरे में रहने से शोर और प्रदूषण दोनों से बचाव किया जा सकता है। 
  • हृदय की दवाएं नियमित रूप से समय पर लें। सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • ध्वनिरहित पटाखों को बढ़ावा दें। बच्चे और पहले से दिल की बीमारी वाले लोग तेज आवाज के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, इन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
  • ध्वनि और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
  • बहुत तेज आवाज करने वाले पटाखों से दूर रहें। 
  • हृदय रोगी खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतें। लो-फैट, लो-शुगर और लो सोडियम वाली चीजों का ही सेवन करें। 
  • पटाखों की तेज आवाज से बचने के लिए इयरप्लग पहनें और रात को अच्छी नींद लें। 


----------------
नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें