बहुत सारे लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या डायबिटीज जेंडर के अनुसार अपना काम करता है? इस सवाल का जवाब है, हाँ। एपिडेमियोलॉजी (महामारी विज्ञान) में यह बात सामने आई है कि दोनों ही समूह में इसके पूर्ण नियंत्रण और बार-बार होने वाली समस्याओं में अंतर पाया जाता है। महिलाओं तथा पुरुषों में एक तरफ सांस्कृतिक, पर्यावरण संबंधी तथा जीवनशैली से जुड़े कारण अंतर की वजह बनते हैं तो वहीं दूसरी तरफ अनुवांशिक तथा हॉर्मोन से जुड़े कारक इसकी वजह बनते हैं। टी2डीएम की समस्या कम उम्र में ही काफी आम हो गयी है। पुरुषों में बॉडी मास इंडेक्स, जबकि महिलाओं में मोटापा खतरे का मुख्य कारण बनता है। अगली स्लाइड्स में आरएनटी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, उदयपुर की डॉ मोना डिंगरा से जानिए महिलाओं और पुरुषों में होने वाले डायबिटीज का अंतर।