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Dengue: यूपी-बिहार सहित कई राज्यों में डेंगू का कहर, जानिए क्यों कम होने लगते हैं प्लेटलेट्स, कैसे करें सुधार?

Tue, 31 Oct 2023 11:43 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेंगू से रिकवरी के लिए क्या करें? - फोटो : istock
उत्तर प्रदेश-बिहार सहित दक्षिण भारत के कई राज्यों में इन दिनों डेंगू के कारण हालात बिगड़ने की खबर है। कई राज्यों में रोजाना डेंगू के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि उत्तर से लेकर दक्षिण भारत के कई राज्य इन दिनों संक्रमण की गंभीर स्थिति की चपेट में हैं। उत्तर प्रदेश में डेंगू के मामलों की संख्या 1700 के आंकड़े को पार कर गई है। पिछले 24 घंटे में अकेले लखनऊ से ही 37 के करीब मामले सामने आए हैं।

इसी तरह से राजधानी दिल्ली-बिहार सहित दक्षिण के राज्य तमिलनाडु में भी डेंगू के मामलों में उछाल देखा जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है, हालांकि राहत की बात ये है कि ज्यादातर मरीज आसानी से ठीक होकर घर लौट रहे हैं।

गंभीर रोग और प्लेटलेट्स कम होने के साथ रक्तस्रावी बुखार की समस्या कम ही लोगों में देखी जा रही है। आइए जानते हैं कि प्लेटलेट्स कम होना कितना खतरनाक है और इसमें सुधार कैसे किया जा सकता है?
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डेंगू बुखार के मामले - फोटो : istock
दिल्ली में डेंगू ने पांच साल का तोड़ा रिकॉर्ड

राजधानी दिल्ली-एनसीआर में भी डेंगू संक्रमण का कहर देखा जा रहा है। दिल्ली में डेंगू के मामलों में इस साल तेजी से वृद्धि देखी गई है। अक्तूबर के आखिरी हफ्तों तक लगभग 5,000 मामले सामने आए, ये पिछले साल में इसी अवधि में रिपोर्ट किए गए मामलों के दोगुने से भी अधिक हैं। पिछले पांच वर्षों में पहली बार अक्तूबर के माह तक इतने ज्यादा डेंगू के मामले सामने आए हैं। 

राजस्थान में करीब 10,200 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। दक्षिण के राज्य तमिलनाडु मा. सुब्रमण्यम ने बताया कि इस साल राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है, 29 अक्तूबर तक 5896 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है।
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डेंगू के गंभीर लक्षण - फोटो : iStock
प्लेटलेट्स गिरने और गंभीर रोग का खतरा

अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ स्थित अस्पताल में इंटेसिव केयर के डॉक्टर अमरजीत बाधवा बताते हैं, इस बार पहले की तुलना में मरीजों में डेंगू के अन्य लक्षणों के साथ तेजी से प्लेटलेट्स कम होने और रक्तस्रावी बुखार का खतरा अधिक देखा जा रहा है। 

प्लेटलेट्स या थ्रोम्बोसाइट्स, रक्त में पाए जाने वाले कोशिकाओं के छोटे टुकड़े होते हैं। इनका मुख्य कार्य रक्त का थक्का जमना और अत्यधिक रक्तस्राव को रोकना है। डेंग संक्रमण के दौरान वायरस इन कोशिकाओं को गंभीर क्षति पहुंचाने लगते हैं जिससे प्लेटलेट्स कम हो सकता है। प्लेटलेट्स कम होने के कारण रक्तस्राव का जोखिम काफी बढ़ जाता है।

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डेंगू के गंभीर मामलों की पहचान कैसे करें? - फोटो : iStock
कैसे जानें कि कम हो रहा है आपका प्लेटलेट काउंट?

यदि डेंगू के रोगी में प्लेटलेट काउंट कम हो रहा है तो डेंगू के सामान्य लक्षणों के साथ आपको कुछ और भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम हो सकता है। इसमें मुख्यरूप से  त्वचा, शरीर के अन्य हिस्सों पर रक्तस्राव के धब्बे और चकत्ते जैसे निशान दिखने लगते हैं। गंभीर डेंगू की स्थिति फेफड़ों, लिवर या हृदय को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

इसके अलावा रक्तचाप खतरनाक स्तर तक गिर सकता है, जिससे शॉक लगने और कुछ मामलों में मृत्यु भी हो सकती है।
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प्लेटलेट्स कैसे ठीक करें? - फोटो : iStock
कैसे सुधारें प्लेटल्टेस का स्तर?

डेंगू में प्लेटलेट काउंट कम होने के खतरे से बचने के लिए सबसे जरूरी है हाइड्रेशन का ध्यान रखना। पत्तेदार सब्जियां, आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ, दाल, कद्दू के बीज, पपीता, डेयरी उत्पाद और भरपूर मात्रा में पानी-नारियल पानी के सेवन से इसमें सुधार हो सकता है। ताजे फलों के जूस को भी सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। डेंगू के दौरान इन चीजों का सेवन करके आप गंभीर जटिलताओं से बचाव कर सकते हैं।

प्लेटलेट्स कम होने के लक्षण दिखते ही डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक हो जाता है।


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नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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