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Dengue Risk: 2018 के बाद पहली बार जुलाई में डेंगू के सबसे ज्यादा केस दर्ज, इस बार गंभीर रोग का खतरा भी अधिक

Mon, 31 Jul 2023 02:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेंगू बुखार के मामले - फोटो : istock
राजधानी दिल्ली में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले दिनों हुई बारिश और इसके कारण उपजी बाढ़ की स्थिति ने राष्ट्रीय राजधानी में मच्छर जनित रोगों का जोखिम काफी बढ़ा दिया है। डॉक्टर कहते हैं, अस्पतालों में डेंगू के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। आलम ये है कि इस साल डेंगू ने पांच सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले हफ्ते जारी रिपोर्ट में अधिकारियों ने बताया कि 22 जुलाई तक दिल्ली में डेंगू के 187 मामले रिपोर्ट किए गए हैं, जो साल 2018 के बाद से सबसे अधिक है। डेंगू की सैंपल टेस्टिंग में रोगियों में गंभीर प्रकार के टाइप-2 डेंगू के मामले सबसे अधिक देखे जा रहे हैं।

दिल्ली में डेंगू के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने रविवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने अधिकारियों को स्कूलों और आम लोगों के बीच डेंगू के जोखिमों को कम करने के लिए व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया है ताकि वायरस के प्रसार पर रोक लगाई जा सके। बाढ़ की स्थिति ने मच्छरों को बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल दे दिया है, जिसके कारण आगामी दिनों में और अधिक मामले रिपोर्ट होने की आशंका है।
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दिल्ली में डेंगू-मलेरिया के मामले - फोटो : istock
दिल्ली में डेंगू को लेकर अलर्ट

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, डेंगू के जोखिमों को देखते हुए अस्पतालों को तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) आयुक्त से भी चर्चा की गई है जिससे सभी रोगियों को समय रहते उचित इलाज प्राप्त हो सके। 

सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में ज्यादातर रोगियों में डेंगू के गंभीर स्ट्रेन टाइप-2 की पुष्टि की जा रही है जिसके कारण रक्तस्रावी बुखार होने का जोखिम अधिक हो सकता है।
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डेंगू के कारण गंभीर रोगों का जोखिम - फोटो : istock
डेंगू के गंभीर रोग का खतरा

डेंगू का संक्रमण, डेंगू वायरस (DENV) के कारण होता है, जो संक्रमित मच्छरों, मुख्यरूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर दिन के समय में अधिक काटते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू वायरस के चार सीरोटाइप हैं - DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4।

दिल्ली सरकार ने बताया कि 20 पॉजिटिव सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग करने पर पता चला कि इनमें से 19 में स्ट्रेन टाइप-2 है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि DENV-2 के कारण रोग के गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक हो सकता है। 
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मच्छरों के काटने से करें बचाव - फोटो : iStock
क्या कहते हैं डॉक्टर्स?

डॉक्टर कहते हैं, जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनमें डेंगू के गंभीर रूप लेने का जोखिम अधिक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए प्रयास करें। मच्छरों के काटने से बचाव जरूरी है, इसके लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, घर के आसपास साफ-सफाई रखें और दवाओं को छिड़काव करें। शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए प्रयास करें।

डेंगू के ज्यादातर रोगी आसानी से घर पर रहकर ही ठीक हो जाते हैं, सिर्फ गंभीर रोगियों को ही अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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