फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dengue Risk: दिल्ली में बढ़ा प्रकोप, बुखार मतलब हर बार डेंगू ही नहीं, जानिए वायरल फीवर और इसमें कितना अंतर?

Tue, 08 Nov 2022 12:01 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
डेंगू और वायरल फीवर में कैसे अंतर करें? - फोटो : istock
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में डेंगू का प्रकोप बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। नवंबर के पहले चार दिनों में ही डेंगू के लगभग 300 मामले सामने आए हैं, जिससे इस साल अब तक वेक्टर जनित इस बीमारी से प्रभावित लोगों की संख्या 2,400 से अधिक हो गई है। अक्तूबर के महीने में 1200 से अधिक लोगों को संक्रमण का शिकार पाया गया था। इसी तरह से लखनऊ में नवंबर के पहले चार दिनों में करीब 161 लोगों में डेंगू की पुष्टि की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से इस गंभीर रोग के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं, ऐसे में सभी लोगों को लगातार विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। डेंगू के मामले कुछ स्थितियों में गंभीर रोगों का भी कारण बन सकते हैं।

डॉक्टर्स कहते हैं, इन दिनों लोगों में डेंगू का खौफ देखने को मिल रहा है, इस वजह से बुखार होते ही लोग जांच के लिए भाग रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर अनावश्यक दबाव बढ़ सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि बुखार होने का मतलब हर बार डेंगू ही नहीं है। इन दिनों मौसम में हो रहे बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं, जिसके लक्षण भी कमोबेश डेंगू से मिलते जुलते हैं, ऐसे में इन दोनों में फर्क करके स्थिति का समय पर सही निदान किया जाना आवश्यक हो जाता है।

आइए जानते हैं कि वायरल फीवर और डेंगू के लक्षणों में क्या भिन्नता होती है?
विज्ञापन

2 of 5
डेंगू के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : istock
वायरल फीवर और डेंगू के लक्षण

इंटेंसिव केयर के डॉ विक्रमजीत सिंह बताते हैं, डेंगू और सामान्य वायरल संक्रमण के कई लक्षण, शुरुआती दिनों में समान होते हैं, इनका घर पर ही अंतर कर पाना कठिन हो सकता है। दोनों ही संक्रमण में बुखार को सबसे आम लक्षण माना जाता है। इसके अलावा शरीर में थकान और दर्द भी बनी रहती है।

ऐसे में पहले यह समझना जरूरी हो जाता है कि आपको वायरल संक्रमण है या डेंगू की समस्या? यदि सामान्य दवाइयों (पैरासिटामोल) से बुखार में आराम नहीं आता है और इसके लक्षण बढ़ते जाते हैं तो इसे डेंगू का खतरा माना जा सकता है जिसमें जांच की आवश्यकता होती है। डेंगू के बिना बुखार वाले लक्षण भी हो सकते हैं, इस बारे में भी जानना आवश्यक है।
विज्ञापन

3 of 5
डेंगू बुखार और वायरल फीवर में अंतर - फोटो : iStock
वायरल संक्रमण और डेंगू में कैसे अंतर करें?

वायरल संक्रमण हवा के माध्यम से फैलता है, संक्रमित व्यक्ति के छींकने-खांसने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने या दूषित सतहों को छूने के कारण वायरल संक्रमण और बुखार हो सकता है। जबकि इसका उल्टा डेंगू बुखार, मच्छर के काटने (एडीज इजिप्टी) के कारण होता है, इसके एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण का खतरा नहीं होता है।

वायरल बुखार सामान्यत: 3-5 दिनों तक रह सकता है, जबकि डेंगू में बुखार और रोग, एक से दो हफ्तों तक भी बना रहता है। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह बढ़ भी सकता है और इससे गंभीर रोग का खतरा भी रहता है। 

4 of 5
डेंगू बुखार के मामले - फोटो : istock
डेंगू के इन विशिष्ट लक्षणों के बारे में जानिए

वायरल फीवर और इसके लक्षण, डेंगू जितने गंभीर नहीं होते हैं और सामान्यत: जल्दी ठीक भी हो जाते हैं, जबकि डेंगू की समस्या कुछ लोगों में गंभीर रोग का भी कारण हो सकती है। सामान्य वायरल फीवर में नाक बहने, गले और शरीर में हल्का दर्द, कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। वहीं डेंगू के रोगियों को तेज बुखार के साथ शरीर में तेज दर्द, जोड़ों में दर्द और त्वचा पर चकत्ते जैसी दिक्कत हो सकती है। डेंगू के गंभीर मामलों में रक्तस्राव का भी खतरा होता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डेंगू से बचाव के उपाय जरूरी - फोटो : iStock
इन दोनों समस्याओं से बचाव के लिए क्या करें?

डेंगू से बचाव के लिए कोई वैक्सीन नहीं है, ऐसे में इससे सुरक्षित रहने के लिए मच्छरों से बचे रहना सबसे जरूरी माना जाता है। पूरी बाजू के शर्ट और फुल पैंट पहनें, जिससे मच्छरों के काटने से बचा जा सके। इसके अलावा सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित माना जाता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले उपाय डेंगू और वायरल बुखार दोनों से बचाने में आपके लिए मददगार हो सकते हैं। मच्छरों के कारण डेंगू के अलावा मलेरिया और चिकनगुनिया का भी खतरा रहता है, ऐसे में इसके काटने से बचाव करना बहुत जरूरी माना जाता है।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें