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Alert: मच्छर जनित रोगों की चपेट में दिल्ली, बढ़े डेंगू के केस, डॉक्टर्स ने कहा- अभी शुरू कर दें बचाव के उपाय

Thu, 22 Jun 2023 01:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेंगू-मलेरिया के मामले - फोटो : istock
जून-जुलाई का महीना उमस भरी गर्मी के साथ मच्छर जनित रोगों के कारण भी लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी दिल्ली में मच्छरों के काटने से होने वाले रोगों के मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं। पिछले महीनों हुई बेमौसम बरसात के चलते रोग के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल अब तक मलेरिया के 34 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले छह वर्षों में जून तक दूसरा सबसे बड़ा मामला है। इसी अवधि के दौरान, दिल्ली में 2019 और 2020 में मलेरिया के 31 मामले, 2021 में आठ मामले और 2022 में 22 मामले दर्ज किए गए थे।

मलेरिया की ही तरह डेंगू के मामले भी बढ़े हैं, पिछले पांच वर्षों में दूसरी बार जून तक इतने अधिक मामले रिपोर्ट किए हए हैं। राजधानी में इस साल अब तक डेंगू के 98 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि पिछले साल कुल 133, 2021 में 32 और 2020 में 20 मामले सामने आए थे। डॉक्टर्स का कहना है, सभी लोगों को अलर्ट हो जाने की आवश्यकता है क्योंकि मानसून की शुरुआत के बाद मामले और भी बढ़ सकते हैं।
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दिल्ली में डेंगू संक्रमण के मामले - फोटो : istock
जुलाई-अगस्त में बिगड़ सकते हैं हालात?

मच्छर जनित रोगों के कारण होने वाली समस्याओं और बचाव के उपायों के बारे में जानने के लिए हमने इंटेंसिव केयर के डॉ प्रभात रंजन से बातचीत की। डॉक्टर कहते हैं, आंकड़े निश्चित ही अलार्मिंग हैं, ये तब तक का डेटा है जब असल में मच्छर जनित रोगों का मौसम शुरू नहीं हुआ है। अप्रैल-मई के महीने में जरूर बारिश हुई जिससे मच्छरों को प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण मिला। हालांकि जुलाई-अगस्त के महीनों में जब बारिश और जलजमाव शुरू हो जाता है तो इसके मामले और भी बढ़ सकते हैं, इसलिए जरूरी है कि सभी लोग अभी से अलर्ट हो जाएं।
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डेंगू और चिकनगुनिया - फोटो : iStock
डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा

डॉ प्रभात बताते हैं, आमतौर पर जुलाई के महीने में तेज बारिश का दौर शुरू हो जाता है। ऐसे में जलभराव और गंदगी मच्छरों के लिए आदर्श प्रजनन की स्थिति होती है। यही कारण है कि अगस्त से अक्तूबर के महीने तक हर बार डेंगू-मलेरिया जैसे रोगों के चलते स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा दबाव बढ़ जाता है। डेंगू और चिकनगुनिया जैसे घातक रोगों के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी हो जाती है। अगर इस बारे में सुरक्षात्मक तरीके न अपनाए जाएं तो इसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

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मच्छर काटने से करें बचाव - फोटो : iStock
सावधानी बरतना जरूरी

डॉक्टर कहते हैं, मच्छरों के काटने से होने वाले रोगों से सुरक्षित रहने के लिए सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं। चूंकि बचाव के लिए फिलहाल कोई टीके नहीं हैं, ऐसे में रोगों के लक्षणों को समझना और बचाव के तरीके अपनाना बहुत आवश्यक है। कुछ रोगों के मच्छर दिन के समय अधिक काटते हैं जबकि कुछ के शाम को इसलिए मच्छरों से हमेशा बचाव के तरीकों का पालन करते रहना जरूरी है। 
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मच्छरों से बचाव के करें उपाय - फोटो : Istock
ऐसे करें बचाव

यदि उचित देखभाल की जाए तो मच्छरों से होने वाली खतरनाक बीमारियों को रोका जा सकता है। डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारी से सुरक्षित रहने का सबसे सरल तरीका यह सुनिश्चित करना है कि आपके आस-पास मच्छर न पनपें। रोकथाम के लिए कुछ और बातों की भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
  • अपने घर को साफ सुथरा रखें।
  • घर में या आस-पास कहीं भी पानी न जमा होने दें।
  • छुपे हुए मच्छरों को मारने के लिए दवाइयों का छिड़काव कराएं।
  • बारिश में, रुका हुआ साफ पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे अनुकूल होता है, इसलिए टंकी-कूलर के पानी को भी खाली करते रहें।
  • ऐसे कपड़े पहनें जिससे शरीर का कोई भी हिस्सा खुला न रहे।
  • घर के दरवाजे और खिड़कियां सुबह और शाम के समय बंद रखें।
 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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