देशभर के लिए कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले फिलहाल गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। राजधानी दिल्ली में अकेले पिछले दिन 4000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए, पॉजिटिविटी रेट में भी उछाल देखने को मिला है। कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ दिल्ली के लिए वायु की खराब गुणवत्ता भी गंभीर समस्या का कारण बनी हुई है। सोमवार को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एजेंसी (सफर) दिल्ली की वायु गुणवत्ता को 'बहुत खराब' बताया है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 381 दर्ज किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मताबिक एक्यूआई का इतना अधिक होना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों के मताबिक 0 से 50 के बीच की एक्यूआई को "अच्छा", 51 से 100 के बीच की गुणवत्ता को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर माना जाता है। राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से एक्यूआई खराब-बेहद खराब की श्रेणी में बना हुआ है। आइए आगे की स्लाइडों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानते हैं कि एक्यूआई का बढ़ना क्यों गंभीर है तथा सेहत पर इसके क्या प्रभाव हो सकते हैं?