प्रदूषण का श्वसन तंत्र पर असर
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श्वसन रोगों का भी बढ़ जाता है खतरा
हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (पीएम2.5 ) इतने छोटे होते हैं कि वे
श्वसन पथ में गहराई तक प्रवेश कर सकते हैं, जिससे फेफड़ों को गंभीर नुकसान होने का खतरा रहता है। ये स्थिति आंख, नाक, गले और फेफड़ों में जलन के साथ खांसी, छींक आना जैसी समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। इसके अलावा वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहना आपके श्वसन तंत्र को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है जिसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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