पिछले एक हफ्ते से राजधानी दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। गिरती एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) और दूषित होती हवा में सांस लेने को सेहत के लिए कई प्रकार से गंभीर समस्याओं का कारक माना जाता है। फेफड़ों से लेकर हृदय और मानसिक स्वास्थ्य से लेकर न्यूरोलॉजिकल विकारों तक, वायु प्रदूषण के कारण कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है। क्या प्रदूषण के कारण कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है? ये फिलहाल बड़ा सवाल है।
कैंसर वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख जोखिम कारकों में एक है, जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती है। भारत में भी कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है। कैंसर के शीघ्र पहचान, रोकथाम और उपचार के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल भारत में 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है।
जिस तरह से देश में हर साल वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ता जा रहा है, क्या ये कैंसर कारक स्थिति है? आइए इस बारे में समझते हैं।