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National Cancer Awareness Day: वायु प्रदूषण भी बढ़ा रहा है कैंसर का खतरा, सावधान- महिलाओं में इसका जोखिम अधिक

Tue, 07 Nov 2023 10:42 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा - फोटो : iStock
पिछले एक हफ्ते से राजधानी दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। गिरती एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) और दूषित होती हवा में सांस लेने को सेहत के लिए कई प्रकार से गंभीर समस्याओं का कारक माना जाता है। फेफड़ों से लेकर हृदय और मानसिक स्वास्थ्य से लेकर न्यूरोलॉजिकल विकारों तक, वायु प्रदूषण के कारण कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है। क्या प्रदूषण के कारण कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है? ये फिलहाल बड़ा सवाल है।

कैंसर वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख जोखिम कारकों में एक है, जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती है। भारत में भी कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है। कैंसर के शीघ्र पहचान, रोकथाम और उपचार के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल भारत में 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है।

जिस तरह से देश में हर साल वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ता जा रहा है, क्या ये कैंसर कारक स्थिति है? आइए इस बारे में समझते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वायु प्रदूषण के कारण कैंसर का खतरा

वायु प्रदूषण क्या कैंसर का खतरा बढ़ा देती है, इस बारे में समझने के लिए किए गए एक अध्ययन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया, वायु प्रदूषण पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए कैंसर कारक हो सकती है, इसका उच्च स्तर स्तन कैंसर से लेकर फेफड़े-गले के कैंसर के जोखिमों को बढ़ाने वाली मानी जाती है।

शोध के मुताबिक फेफड़ों के कैंसर के लगभग 10 में से एक मामले के लिए बाहरी वायु प्रदूषण एक कारण हो सकता है। वायु प्रदूषण के कण कोशिकाओं में डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं, इससे इंफ्लामेशन और कैंसर का जोखिम हो सकता है।
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कैंसर के जोखिम कारक - फोटो : Pixabay
ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम

ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में कैंसर से हर साल होने वाली मौतों का प्रमुख कारण रहा है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि स्तन कैंसर की घटनाओं में सबसे अधिक वृद्धि उन महिलाओं में रिपोर्ट की गई, जिनका पार्टिकुलेट मैटर स्तर (पीएम 2.5) से संपर्क अधिक था। मोटर वाहन से निकलने वाले धुंआ, तेल-कोयला जलाने या लकड़ी के धुआं आदि में पीएम 2.5 अधिक होता है। 

साल 2018 में भारत में महिलाओं में रिपोर्ट किए गए सभी प्रकार के कैंसर में से 27.7% केस स्तन कैंसर थे। भारत में अनुमानित 1,62,468 महिलाओं में स्तन कैंसर का पता चला था। वायु प्रदूषण इसका एक जोखिम कारक हो सकता है।

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कैंसर के जोखिम कारक - फोटो : istock
कैसे कम करें इसका जोखिम?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण से पूरी तरह बचना मुश्किल है, आप एहतियातन कुछ प्रयास जरूर कर सकते हैं। प्रदूषित हवा वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, अगर बाहर जा रहे हैं तो मास्क पहनें जिससे प्रदूषकों को श्वसन मार्ग में प्रवेश से रोका जा सके। कैंसर के खतरे को कम करने के लिए लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखना भी बहुत आवश्यक है। अगर आपमें पहले से ही कैंसर के जोखिम कारक रहे हैं तो इससे बचाव को लेकर डॉक्टर से संपर्क करें।
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वायु प्रदूषण और इसके दुष्प्रभाव - फोटो : Pixabay
इनडोर वायु प्रदूषण भी खतरनाक

बाहरी प्रदूषण के अलावा इनडोर वायु प्रदूषण भी आपकी सेहत के लिए हानिकारक है। अध्ययनों से पता चलता है कि इनडोर वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण भी कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा सेकेंड-हैंड स्मोकिंग भी सेहत के लिए गंभीर दुष्प्रभावों वाली हो सकती है।

इनडोर (घर के भीतर की) वायु प्रदूषण के खतरे को कम करने के लिए कमरे में वेंटिलेशन की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करें और कैंसर से बचाव के लिए उपाय करते रहें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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