वायु प्रदूषण का खतरा
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हवा में बढ़ रहे हैं खतरनाक प्रदूषक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्मॉग का ये मौसम सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन गया है,। वाहनों से निकलने वाला धुंआ, औद्योगिक गतिविधियां, पराली और निर्माण कार्यों की धूल जैसे कारक हवा में पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड के स्तर को बढ़ाने वाली हो सकती है।
स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण हर साल वैश्विक स्तर पर लगभग 4.2 मिलियन (42 लाख से अधिक) असामयिक मौतें होती हैं, जिनमें से कई हृदय रोगों से जुड़ी होती हैं। यही कारण है कि प्रदूषण वाले दिनों में हृदय स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
आइए जानते हैं कि जो लोग हृदय रोगों से पीड़ित हैं वो इन दिनों में किस तरह से सेहत का ध्यान रख सकते हैं?