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Diabetes Risk: त्वचा पर दिख रहे हैं धब्बे? तुरंत करा लें जांच कहीं आपको डायबिटीज तो नहीं

Sun, 03 May 2026 07:52 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विश्व स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, दुनियाभर में लाखों लोग प्रीडायबिटीज से जूझ रहे हैं, उनमें से अधिकतर को इसका पता ही नहीं होता। यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है। त्वचा में दिख रहे बदलावों के आधार पर भी इस समस्या का पता लगाया जा सकता है।
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने क्रॉनिक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ा दिया है। हम वजन बढ़ने, थकान या सिरदर्द को तो गंभीरता से लेते हैं, लेकिन त्वचा पर होने वाले बदलावों को अक्सर सामान्य समझकर टाल देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है।

क्या आपकी त्वचा, गर्दन या जांघों के आसपास काले पैच दिख रहे हैं? इसे सिर्फ स्किन की समस्या मानकर अनदेखा कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। कुछ स्थितियों में ये शरीर के भीतर चल रहे मेटाबॉलिक बदलाव का संकेत हो सकता है। त्वचा पर दिख रहे गाढ़े रंग के पैच कई बार डायबिटीज की बीमारी की ओर भी इशारा हो सकते हैं, जिसे अगर शुरुआत में अनदेखा कर दिया तो आगे चलके आपके लिए बड़ी मुसीबतों का कारण बन सकता है।

यहां ध्यान देना जरूरी है कि डायबिटीज धीरे-धीरे शरीर को खोखला बनाती जाती है और हार्ट से लेकर लिवर-किडनी और आंखों तक के लिए बड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है।
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त्वचा में धब्बे तो नहीं हैं? - फोटो : Freepik.com
त्वचा में बदलावों पर दें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, त्वचा में होने वाले सभी बदलाव कॉस्मेटिक समस्याओं की वजह से हों ये जरूरी नहीं है। कभी-कभी, ये आपके शरीर के अंदर पनप रही बीमारियों की तरफ इशारा भी हो सकते हैं। त्वचा पर गाढ़े रंग के धब्बे दिखाई देने को अध्ययनों में प्री-डायबिटीज से जुड़ा हुआ माना जाता है।
 
  • इन संकेतों को अगर पहचाना न जाए तो ये आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज तक का कारण बन सकते हैं।
  • त्वचा पर दिखने वाले धब्बों, जो प्रीडायबिटीज से जुड़े होते हैं उन्हें मेडिकल की भाषा में एकैंथोसिस नाइग्रिकन्स कहा जाता है। 
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प्री-डायबिटीज की समस्या - फोटो : Adobe Stock
शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या

जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंड डायग्नोस्टिक रिसर्च फॉर डॉक्टर्स में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, त्वचा पर धब्बे नजर आना इंसुलिन रेजिस्टेंस का एक प्रमुख संकेत हो सकता है। ये संकेत बताता है कि आपमें टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा है। 

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जब आपका शरीर इंसुलिन के प्रति प्रतिरोधी हो जाता है, तो इसकी भरपाई के लिए और ज्यादा इंसुलिन बनाता है।  इंसुलिन की अधिकता त्वचा की कोशिकाओं को तेजी से बढ़ाने लगती है, जिससे त्वचा पर ये गहरे रंग के धब्बे बन जाते हैं। 
 
  • विश्व स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, दुनियाभर में लाखों लोग प्रीडायबिटीज से जूझ रहे हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर को इसका पता ही नहीं होता। 
  • प्रीडायबिटीज में लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते इसलिए लोग इसे समय रहते पकड़ नहीं पाते हैं। 
  • त्वचा पर काले धब्बे के अलावा खूब प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना या थकान बने रहना डायबिटीज की शुरुआत का संकेत हो सकता है।
  • अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान कर लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव कर लिया जाए तो डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है।
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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
ऐसे लक्षण दिख रहे हैं तो डायबिटीज से बचने के लिए क्या करें?

अध्ययनों से पता चलता है कि शरीर का वजन 5-10% कम करने से डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है।
 
  • फाइबर, प्रोटीन और लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों को आहार में शामिल करना आपको शुगर होने के खतरे से बचा सकता है।
  • ज्यादा मीठी और प्रोसेस्ड चीजों से दूरी बनाना बेहद जरूरी है।
  • रोजाना कम से कम 30-45 मिनट का व्यायाम, रनिंग-योग से इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है।
  • नियमित रूप से हेल्थ चेकअप और ब्लड शुगर टेस्ट HBA1C जरूर कराएं ताकि डायबिटीज की समस्या के बारे में जाना जा सके।



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स्रोत:
Acanthosis Nigricansin PCOS Patients and Its Relation with Type 2 Diabetes Mellitus and Body Mass at a Tertiary Care Hospital in Southern India


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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