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सावधान: कॉस्मेटिक उत्पाद हो सकते हैं 'जानलेवा'! विशेषज्ञों ने चेताया- इसमें पाए गए हैं बेहद हानिकारक रसायन

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स्किन लाइटनिंग उत्पादों में प्रतिबंधित हानिकारक तत्व पाए गए हैं। - फोटो : istock
चेहरे को साफ और चमकदार बनाने का दावा करने वाली क्रीम्स का प्रयोग आपने भी जरूर किया होगा। ये कॉस्मेटिक उत्पाद कुछ दिनों में चेहरे की रंगत तो सुधार देते हैं पर क्या आप जानते हैं कि इनका अधिक इस्तेमाल आपके लिए जानलेवा तक हो सकता है? स्किन लाइटनिंग क्रीम्स/उत्पादों से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को लेकर यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने चेतावनी जारी की है। अध्ययनकर्ताओं ने दावा किया है कि कई स्किन लाइटनिंग उत्पादों में प्रतिबंधित हानिकारक तत्व पाए गए हैं, जो न सिर्फ आपकी त्वचा के लिए नुकसानदायक हैं साथ ही इनका लंबे समय तक उपयोग आंखों, किडनी और फेफड़ों के लिए गंभीर समस्याकारक भी हो सकता है। कुछ स्थितियों में यह बीमारियां मौत का भी कारण बन सकती हैं।

उत्पादों पाया गया प्रतिबंधित हाइड्रोक्विनोन 

एजेंसी ने एक समाचार विज्ञप्ति में बताया कि कई उत्पादों में हाइड्रोक्विनोन और मर्करी पाया गया हैं। हाइड्रोक्विनोन युक्त उत्पादों के उपयोग के कारण चेहरे पर चकत्ते और सूजन होने और कुछ स्थितियों में स्थाई रूप से त्वचा का रंग उड़ने की समस्या हो सकती है। वहीं मर्करी को अत्यधिक विषैला माना जाता है जिसका अधिक उपयोग तंत्रिका तंत्र, पाचन और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ऐसे उत्पादों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ये दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाने वाले हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि एफडीए ने इससे होने वाले किन खतरों के लेकर सावधान किया है।
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त्वचा संबंधित समस्याओं का खतरा - फोटो : istock
मेलेनिन की उत्पादकता हो सकती है प्रभावित

अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि स्किन लाइटनिंग उत्पादों की आमतौर पर त्वचा को टोन करने, मुंहासे, उम्र आधारित धब्बे, झाईयों और झुर्रियों के उपचार के रूप में मार्केटिंग की जाती है। दुकानों में ये क्रीम, लोशन, साबुन या पाउडर के रूप में बेचे जाते हैं। इस तरह के ज्यादातर उत्पादों में ऐसे रसायन पाए गए हैं जो मेलेनिन के उत्पादन को प्रभावित करने के साथ त्वचा के लिए कई और प्रकार की गंभीर समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। मेलेनिन, मुख्यरूप से त्वचा, बालों और आंखों के रंग के लिए आवश्यक होता है। इनका लंबे समय तक उपयोग कई जानलेवा बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाने वाला भी हो सकता है। 
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स्किन लाइटनिंग उत्पादों में हो सकते हैं हानिकारक रसायन - फोटो : Pixabay
फेफड़े और किडनी की हो सकती हैं गंभीर बीमारियां

एक अध्ययन रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि हाइड्रोक्विनोन/मर्करी युक्त उत्पादों का लंबे समय तक प्रयोग करना आपकी त्वचा के प्राकृतिक रंग को नुकसान पहुंचा सकता है। विटिलिगो यानी कि सफेद दाग के कुछ रोगियों की जांच में ऐसे उत्पादों को एक कारक के रूप में पाया गया है। कुछ शोध इस तरफ भी संकेत करते हैं कि उत्पादों में पाई गई मर्करी त्वचा में जमा होकर कई प्रकार की विषाक्तता और फेफड़े, किडनी तथा आंखों की गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। फेफड़े औऱ किडनी की बीमारियां जानलेवा भी हो सकती हैं।  

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त्वचा संबंधित समस्याओं का खतरा - फोटो : Istock
हाइड्रोक्विनोन युक्त उत्पाद हैं प्रतिबंधित

त्वचा को गोरा करने और मुंहासे जैसी दिक्कतों को दूर करने के लिए भले ही कई कंपनियां ऐसे कॉस्मेटिक उत्पादों में हाइड्रोक्विनोन का उपयोग करती रही हैं, पर गौर करने वाली बात यह है कि एफडीए ने इससे होने वाले दुष्प्रभावों के जोखिम को ध्यान में रखते हुए हाइड्रोक्विनोन युक्त उत्पादों को ओवर-द-काउंटर बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया हुआ है। इसी तरह स्किन लाइटनिंग उत्पादों में मर्करी के उपयोग पर भी रोक लगाया गया है। बावजूद इसके दुनियाभर में कई कॉस्मेटिक उत्पादों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता रहा है। 
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डियोडेंट्रस में हानिकारक रसायन - फोटो : istock
परफ्यूम और डियोडेंट्रस में भी पाए जा चुके हैं जहरीले रसायन

खतरा केवल स्किन लाइटनिंग उत्पादों से ही नहीं, परफ्यूम और डियोड्रेंट्स से भी हो सकता है। पेन मेडिसिन जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ डियोड्रेंट्स में एल्यूमीनियम और पैराबीन्स जैसे यौगिक पाए गए हैं। त्वचा में ये यौगिक अवशोषित होकर गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि वैसे तो डियोड्रेंट में प्रयोग में लाए जाने वाले एल्यूमीनियम या फिर पैराबीन्स यौगिकों को कैंसर कारक नहीं पाया गया है, हालांकि संवेदनशील त्वचा और जोखिम कारक वाले लोगों में इनका लंबे समय तक उपयोग करना गंभीर जटिलताओं को उत्पन्न कर सकता है।
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कॉस्मेटिक उत्पादों में हानिकारक तत्व - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में पुणे में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ दीप्ति नंदन कहती हैं, कॉस्मेटिक उत्पादों में हानिकारक रसायनों के होने की बात लंबे समय से चर्चा में रही है, हालांकि फिर भी इनका धड़ल्ले से इस्तेमाल और मार्केटिंग हो रही है। बचाव के लिए हमें व्यक्तिगत तौर पर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। उपभोक्ताओं को ऐसे उत्पाद खरीदते समय उसके लेबल की जांच करनी चाहिए, जिससे आपको पता चल सके कि जिस चीज का आप उपयोग कर रहे हैं उसमें कौन-कौन सी चीजें मिली हुई हैं। कई केस में हानिकारक रसायनों के कारण लोगों में त्वचा से संबंधित गंभीर बीमारियां देखी गई हैं। 



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स्रोत और संदर्भ
Skin Facts! What You Need to Know About Skin Lightening Products

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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