फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Arthritis Risk: दिनचर्या की इन गलतियों की वजह से बढ़ जाता है आर्थराइटिस का खतरा, बरतें ये सावधानियां

Fri, 11 Jul 2025 05:38 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर कुछ लोगों कम उम्र में ही आर्थराइटिस की शिकायत हो जाती है, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, इन्हीं में एक प्रमुख कारण है हमारी दिनचर्या की कुछ गलत आदतें। आइए इस लेख में जानते हैं दिनचर्या की किन गलतियों की से अर्थराइटिस की शिकायत होती है।
विज्ञापन
1 of 5
हड्डियों की समस्या - फोटो : Freepik.com
Arthritis Risk: आर्थराइटिस यानी जोड़ों का दर्द, सूजन और अकड़न, यह एक ऐसी समस्या है जो आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होती है। लेकिन आजकल युवाओं में भी दिनचर्या की कुछ गलत आदतों की वजह से आर्थराइटिस का जोखिम बढ़ रहा है। हमारा गलत खानपान, गतिहीन जीवनशैली और कुछ अनुचित आदतें सीधे तौर पर आर्थराइटिस के खतरे को बढ़ा देती हैं। ये आदतें हमारे जोड़ों पर अनावश्यक दबाव डालती हैं और उन्हें कमजोर करती हैं। 

खासकर, मानसून के मौसम में नमी और बदलते मौसम के कारण जोड़ों का दर्द और भी ज्यादा परेशान करने लगता है। अच्छी बात यह है कि यदि हम समय रहते कुछ सावधानियां बरतें और अपनी दिनचर्या में जरूरी बदलाव लाएं, तो इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए इस लेख में हम उन आम गलतियों और जरूरी सावधानियों के बारे में जानते हैं, जिससे शरीर में आर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है। सबसे पहले गलतियों के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
बच्चों में आर्थराइटिस की समस्या - फोटो : Freepik.com
गलतियां - गतिहीनता और खराब मुद्रा
दिनचर्या में लंबे समय तक बैठे रहना या गतिहीन जीवनशैली आर्थराइटिस का प्रमुख कारण है। ऑफिस में घंटों गलत मुद्रा में बैठने से जोड़ों और मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिससे रीढ़, घुटने और कूल्हों में अकड़न बढ़ती है। गलत तरीके से वजन उठाना या बार-बार झुकने से जोड़ों की कार्टिलेज घिस सकती है, जो ऑस्टियोआर्थराइटिस का कारण बनता है। इसके अलावा, व्यायाम की कमी से जोड़ों का लचीलापन कम होता है, जिससे दर्द और सूजन का खतरा बढ़ता है।

ये भी पढ़ें- Side Effects Of Energy Drinks: क्या आप भी रोज एनर्जी ड्रिंक्स पीते हैं, जान लें इससे स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?
 
विज्ञापन

3 of 5
गठिया - फोटो : Freepik.com
असंतुलित आहार 
असंतुलित आहार भी आर्थराइटिस के प्रमुख कारणों में से एक है। विटामिन D, कैल्शियम और ओमेगा-3 की कमी जोड़ों को कमजोर करती है। तला-भुना, प्रोसेस्ड फूड और चीनी युक्त खाद्य पदार्थ रूमेटॉइड आर्थराइटिस को ट्रिगर कर सकता है।  

मोटापा
इसके अलावा मोटापा भी एक बड़ा जोखिम है, क्योंकि अतिरिक्त वजन घुटनों और कूल्हों पर दबाव डालता है, जिससे कार्टिलेज तेजी से घिसता है। इसलिए अपने वजन का संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है।

ये भी पढ़ें- Turai Ke Fayde: रोज तोरई की सब्जी खाने से शरीर में होते हैं ये सकारात्मक बदलाव, जान लें इसके फायदे

4 of 5
गठिया - फोटो : Freepik.com
सावधानियां - सक्रिय जीवनशैली और व्यायाम
आर्थराइटिस के जोखिम को कम करने के लिए सक्रिय जीवनशैली अपनाएं। रोजाना 30 मिनट का हल्का व्यायाम, जैसे टहलना, योग, या स्ट्रेचिंग, जोड़ों को लचीला रखता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है। स्विमिंग और साइकिलिंग जैसे कम प्रभाव वाले व्यायाम जोड़ों पर दबाव डाले बिना उनकी गतिशीलता बढ़ाते हैं। सही मुद्रा में बैठें और भारी वजन उठाते समय सावधानी बरतें। नियमित रूप से पेल्विक फ्लोर और कोर स्ट्रेंथ एक्सरसाइज करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : Freepik.com
आहार और चिकित्सीय सलाह
आहार में एंटी-इन्फ्लेमेटरी खाद्य पदार्थ जैसे हल्दी, अदरक, ओमेगा-3 युक्त मछली, नट्स, और हरी सब्जियां शामिल करें। विटामिन D के लिए धूप लें और कैल्शियम युक्त दूध, दही खाएं। वजन नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार अपनाएं और प्रोसेस्ड फूड से बचें। अगर जोड़ों में दर्द, सूजन या अकड़न लंबे समय तक बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें