कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं। पिछले कुछ वर्षों के 40 से कम आयु के कई लोगों की हार्ट अटैक के कारण मौत भी हो चुकी है। आश्चर्यजनक बात यह भी है कि हार्ट अटैक के मामले उन लोगों में भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं, जो अक्सर जिम जाते रहे हैं और फिटनेस को लेकर अलर्ट रहते थे। कुछ अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोविड-19 संक्रमण का हृदय पर गंभीर दुष्प्रभाव हुआ है, जिसकी वजह से भी इस तरह के केस में बढ़ोतरी आ गई है। फिलहाल, डॉक्टर्स का कहना है कि चूंकि हार्ट अटैक के मामले सभी उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं ऐसे में इससे बचाव को लेकर विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है।
हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, बढ़ते जोखिमों को ध्यान में रखते हुए न सिर्फ हृदय रोगों से बचाव के उपाय करते रहना आवश्यक है, साथ ही हार्ट अटैक आने पर तुरंत क्या किया जाना चाहिए इस बारे में भी सभी लोगों जरूर जानना चाहिए। सीपीआर जैसे उपायों को प्रयोग में लाकर हार्ट अटैक के बाद भी लोगों की जान बचाई जा सकती है।
कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि हार्ट अटैक के बाद तुरंत सीपीआर देकर रोगी को खतरे से बचाया गया है। आइए जानते हैं कि सीपीआर कैसे दिया जाना चाहिए और यह कितना कारगर साबित हो सकती है?