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Khosta-2: कोविड-19 जैसा उभर रहा है एक और नया खतरा, चमगादड़ों में पाया गया खोस्ता-2 वायरस जानिए कितना खतरनाक?

Tue, 27 Sep 2022 02:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चमगादड़ों में पाया गया खोस्ता-2 वायरस - फोटो : Pixabay
पिछले ढ़ाई साल से अधिक समय से दुनियाभर में कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार जारी है। तमाम प्रकार की वैक्सीन और बचाव के उपायों के बाद भी अब तक विशेषज्ञ इस नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं कि आखिर यह महामारी कब तक खत्म होगी ? कोविड-19 के खतरे के बीच हालिया रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने इसी के जैसे एक और घातक संक्रमण को लेकर अलर्ट किया है। शोधकर्ताओं ने रूसी चमगादड़ों में खोस्ता-2 नामक एक नए वायरस की पहचान की है, इसकी प्रकृति सार्स-सीओवी-2 वायरस से मिलती जुलती देखी जा रही है। प्रारंभिक शोध के आधार पर वैज्ञानिकों ने पाया है कि यह भी आसानी से मानव कोशिकाओं में प्रवेश करके संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकता है।

जर्नल प्लोस पैथाजन्स की एक रिपोर्ट के अनुसार खोस्ता-2 का दूसरा नाम सरबेको-वायरस है। यह वायरस कोविड-19 के टीकों की प्रतिरक्षा से बचकर संक्रमण का कारण बन सकता है।

प्रमुख वैज्ञानिक माइकल लेटको के नेतृत्व में अन्य वैज्ञानिकों की टीम ने 2020 में रूस के चमगादड़ों से सार्स-सीओवी-2 वायरस के ही समान कोरोनावायरस के एक समूह की पहचान की है। इसमें खोस्ता-1 और खोस्ता-1, दो नए प्रकार के पैथाजन्स पाए गए हैं। खोस्ता-1 को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह मानव कोशिकाओं में आसानी से प्रवेश नहीं कर सकता, लेकिन खोस्ता-2 न सिर्फ प्रवेश कर सकता है, साथ ही गंभीर संक्रमण का कारण भी बन सकता है।
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खोस्ता-2 के अध्ययन में सामने आई कई रोचक बातें - फोटो : Pixels

कोरोना वायरस से  मिलती है खोस्ता-2 की प्रकृति


अध्ययनकर्ताओं की टीम ने पाया कि खोस्ता-2 और कोरोना वायरस की प्रकृति लगभग एक जैसी ही है। खोस्ता-2 भी उसी ACE2 रेस्पिरेटर्स को लक्षित करता है जिसका उपयोग कोरोनावायरस मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए करता रहा है। इसके अलावा, जब वैज्ञानिकों ने खोस्ता-2 पर कोविड-19 के टीकों के प्रभाव को जानने को कोशिश की तो इसमें पाया गया कि यह इसे बेअसर कर सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक संभावित खतरा हो सकता है, जिसके बारे में अध्ययन किया जा रहा है। 
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सार्स-सीओवी-2 से मिलता जुलता है खोस्ता-2 वायरस - फोटो : Pixabay

वैक्सीन रेजिस्टेंस है खोस्ता-2

शोध के प्रमुख वैज्ञानिक माइकल लेटको कहते हैं, अब तक के अध्ययनों के परिणाम के आधार पर वैसे तो हम किसी को डराना नहीं चाहते हैं, पर फिलहाल यह पाया गया है कि खोस्ता-2, वैक्सीन रेजिस्टेंस है। यानी कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किया गया टीकाकरण इससे सुरक्षा देने के लिए नाकाफी है।

हालांकि यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि प्रकृति में पहले से ऐसे अनेकों वायरस घूम रहे हैं जिनमें ये गुण हैं, वे मानव रिसेप्टर्स से जुड़ सकते हैं और वर्तमान वैक्सीन्स उन्हें निष्प्रभावी नहीं कर पा रहे हैं। हम इस वायरस को समझने के शुरुआती चरणों में हैं, आगे इसके बारे में और विस्तार से जानने के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं।

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खोस्ता-2 से इंसानों को हो सकता है खतरा - फोटो : Pixabay

खोस्ता-2 वायरस के बारे जानिए

शोधकर्ताओं द्वारा साझा की गई जानकारियों के अनुसार कोरोनावायरस के साथ-साथ इसी परिवार का एक और सदस्य खोस्ता-2 भी देखा गया है। इसके कई माध्यमों से पशुओं से इंसानों में पहुंचने के स्रोत हो सकते हैं, इसे समझने के लिए अध्ययन जारी है। यह कोविड-19 वैक्सीन प्रतिरोधी है, जिसका मतलब है कि उपलब्ध कोविड-19 के टीके खोस्ता-2 वायरस से सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकते हैं। इसकी प्रकृति और संक्रामकता काफी हद तक सार्स-सीओवी-2 वायरस से मिलती जुलती है, खास बात यह भी है कि दोनों ही वायरस के स्रोत चमगादड़ ही हैं।
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रूसी चमगादड़ों में पाया गया है खोस्ता-2 वायरस - फोटो : Pixabay
इन बातों को भी जानिए
  • खोस्ता-1 और खोस्ता-2 वायरस, साल 2020 के अंत में रूसी चमगादड़ों में खोजे गए थे।
  • शोधकर्ताओं का कहना है कि वैसे तो दोनों ही वायरस शुरू में इंसानों के लिए खतरनाक नहीं लग रहे हैं।
  • खोस्ता-1 से मनुष्यों के लिए कम जोखिम है, लेकिन खोस्ता-2 की प्रकृति थोड़ी परेशान करने वाली है। 
  • वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि खोस्ता-2 का सार्स-सीओवी-2 जैसे वायरस के साथ पुनर्संयोजन का जोखिम भी हो सकता है।



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स्रोत और संदर्भ
An ACE2-dependent Sarbecovirus in Russian bats is resistant to SARS-CoV-2 vaccines

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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