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कोरोना संकट: भारत में सुधर रही है स्थिति पर जनवरी में फिर से संक्रमण बढ़ने की चेतावनी, रहें अलर्ट

Mon, 15 Jan 2024 04:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना की जांच (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले पिछले कुछ महीनों से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं, विशेषतौर पर ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट JN.1 के कारण चिंता बढ़ती हुई देखी जा रही है। चीन से बढ़ा ये नया वैरिएंट इन दिनों अमेरिका-सिंगापुर जैसे देशों में हालात को बदतर करता देखा जा रहा है। इस बीच वैज्ञानिकों ने आगाह करते हुए कहा है कि जनवरी के इस महीने में दुनियाभर के लोगों को कोरोना के खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

जनवरी में चीन में फिर से कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ पिछले करीब 9 हफ्तों से यूएसए में अस्पतालों में भर्ती होने वालो की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है।

भारत में संक्रमण की स्थिति की बात करें तो यहां पिछले दो हफ्तों से दैनिक संक्रमण के मामले औसतन 500-600 रिकॉर्ड किए जा रहे थे, हालांकि पिछले दो दिनों में इसमें थोड़ा सुधार आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार सुबह 8 बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे में कोविड के 272 नए मामले दर्ज किए गए और करीब 15 दिनों में पहली बार ऐसा जब कोई मौत रिपोर्ट नहीं की गई है। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या  घटकर 2,990 हो गई है। 
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कोरोना संक्रमण का खतरा - फोटो : PTI

भारत में कोरोना संक्रमण की स्थिति

इससे पहले रविवार के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दिन देश में 375 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई थी, दो लोगों के मौत के मामले भी सामने आए थे। 31 दिसंबर, 2023 को एक दिन में 841 नए मामले सामने आए थे,  इसके बाद संक्रमण में ज्यादा उछाल नहीं देखा जा रहा है। कुल सक्रिय मामलों में से अधिकांश (लगभग 92 प्रतिशत) सेल्फ आइसोलेशन और सामान्य उपचार से ठीक हो रहे हैं।

भारत ने अतीत में कोविड-19 की तीन लहरें देखी हैं, अप्रैल-जून 2021 के दौरान डेल्टा वैरिएंट के कारण आई लहर में दैनिक मामलों और मौत की घटनाएं सबसे ज्यादा दर्ज की जा रही थीं। 7 मई, 2021 को 4,14,188 नए मामले और 3,915 मौतें रिपोर्ट की गई थीं। देश में साल 2020 की शुरुआत में महामारी शुरू होने के बाद से अब तक 4.5 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और संक्रमण के कारण 5.3 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
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कोरोना का जोखिम - फोटो : istock
चीन में संक्रमण बढ़ने की आशंका

भारत में संक्रमण की स्थिति में थोड़ा सुधार आते देखा जा रहा है पर विशेषज्ञों ने अलर्ट करते हुए कहा है कि यह महीना चीन में संक्रमण को लेकर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। चीन स्थित ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को कहा कि जनवरी में चीन में कोविड-19 संक्रमण में फिर से उछाल आने की आशंका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के प्रवक्ता एमआई फेंग कहते हैं पूरे चीन में अस्पतालों में रोगियों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। वर्तमान में श्वसन संबंधी बीमारियों मुख्यरूप से इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के केस हैं। देश में कोरोना के मामलों में फिर से उछाल आने की आशंका जताई जा रही है।

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कोरोना के नए वैरिएंट्स से संक्रमण - फोटो : iStock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

चाइना नेशनल इंफ्लूएंजा सेंटर के निदेशक वांग दयान ने कहा हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि नए साल की छुट्टी के बाद अस्पतालों में कोविड-19 टेस्टिंग की पॉजिटिविटी रेट एक प्रतिशत से नीचे रही है हालांकि जेएन.1 वैरिएंट के मामले जरूर बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन में सर्दी के महीनों में संक्रमण की रफ्तार में उछाल का खतरा हो सकता है। वांग ने कहा कि जेएन.1 वैरिएंट में वृद्धि और लोगों की रोग प्रतिरक्षा में गिरावट के कारण, जनवरी में कोविड-19 में फिर से बढ़ोतरी आ सकती है। इसको लेकर अभी से अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
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कोरोना के नए वैरिएंट्स - फोटो : Istock
बढ़ते मामलों को लेकर रहें अलर्ट

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, बुजुर्गों और क्रोनिक बीमारी वाले रोगियों को समय पर स्वास्थ्य परामर्श प्रदान की जानी चाहिए। गौरतलब है कि कई देशों में कोरोना के इस नए वैरिएंट के कारण अस्पताल में रोगियों की संख्या भी बढ़ी है जिसको लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। 

वैज्ञानिकों का कहना है कि ओमिक्रॉन के अन्य सब-वैरिएंट्स की तुलना में JN.1 अधिक संक्रामकता वाला हो सकता है, इससे बचाव को लेकर भी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की जरूरत है। 



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स्रोत और संदर्भ
China not yet in middle of second wave of COVID-19: epidemiologists

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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