बूस्टर डोज का असर
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कितनी असरदार है बूस्टर डोज?
एक अध्ययन के मुताबिक, समय के साथ कोरोना वायरस के खिलाफ व्यक्ति की इम्युनिटी कम होने लगती है। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए बूस्टर डोज जरूरी है। बीते मार्च में राज्यसभा में स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार ने बूस्टर डोज के असर को लेकर कहा कि एस्ट्राजेनेका या कोविशील्ड की तीसरी डोज को लेकर जो अंतरराष्ट्रीय डेटा सामने आया है, उसके मुताबिक वैक्सीन की तीसरी डोज लेने वालों की एंटीबॉडी में 3 से 4 गुना की बढ़ोतरी हुई है।
बिना बूस्टर डोज लेने वाले 90 फीसदी लोगों के संक्रमित होने पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाने लोग अन्य की अपेक्षा महामारी से ज्यादा सुरक्षित हैं। इसलिए दिल्लीवासियों को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए एहतियाती खुराक के टीकाकरण की गति बढ़ा दी गई है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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