10 सेकंड के लिए एक पैर पर खड़े का टेस्ट
- फोटो : istock
अध्ययन में क्या पता चला?
अध्ययन के लिए साल 2008 से 2020 के बीच 51-75 वर्ष की आयु वाले 1702 लोगों का फॉलोअप किय गया। शुरुआत में, प्रतिभागियों को एक पैर ऊपर उठाने और दूसरे पैर के पीछे की तरफ रखने के लिए कहा गया था। ऐसा करने के लिए प्रतिभागियों को तीन प्रयास का समय दिया गया, हालांकि इसमें लगभर हर पांच में से एक प्रतिभागी फेल हो गया।
अगले 10 वर्षों में, विभिन्न कारणों से इनमें से 123 प्रतिभागियों की मृत्यु हुई। उम्र, लिंग और अंतर्निहित स्थितियों जैसे कारकों पर विचार करने के बाद शोधकर्ताओं ने संतुलन को लेकर भी डेटा अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि 10 साल पहले 10 सेकंड के लिए एक पैर पर खड़े होने में जिन प्रतिभागियों ने असमर्थता जाहिर की थी, उनमें से ज्यादातर में मृत्यु का जोखिम अधिक पाया गया।