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कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जर्मनी जल्द शुरू करेगा ये जांच, 20 मिनट में मिलेगी रिपोर्ट

Tue, 03 Nov 2020 11:41 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
पिछले साल चीन से फैले कोरोना वायरस से दुनिया के 210 से ज्यादा देश प्रभावित हैं। मार्च से कोरोना का प्रकोप बढ़ने के साथ ही दुनियाभर के कई देशों में एक लंबे समय तक लॉकडाउन लगा रहा, जिससे अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। इसके बाद चरणश: अनलॉक के जरिए गतिविधियां शुरू हुई। अब एक बार फिर से कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। यूरोप के कई देशों में फिर से लॉकडाउन लगाया जाने लगा है। वहीं, कई अन्य देश संक्रमण की रफ्तार रोकने के लिए अन्य उपाय अपना रहे हैं। इसी कड़ी में जर्मनी ने कोरोना जांच तेज करने के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट तकनीक अपनाने का फैसला किया है। 
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Coronavirus Test - फोटो : iStock/Amar Ujala
विशेषज्ञों ने चेताया है कि सर्दियों में कोरोना का कहर बढ़ सकता है। यूरोप के कई देश कोरोना संक्रमण की बढ़ती दूसरी लहर को रोकने की कोशिश में लगे हैं। इधर, जर्मनी ने कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए रैपिड एंटीजन परीक्षण पर भरोसा जताया है। अपनी जांच क्षमता बढ़ाने के लिए जर्मनी ने यह तरीक अपनाने का फैसला लिया है।
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Coronavirus Test - फोटो : Social Media
बता दें कि अन्य यूरोपीय देशों की तुलना में जर्मनी कोरोना संक्रमण को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में कामयाब रहा है। अब इसने हर महीने लाखों एंटीजन परीक्षण करने की योजना बनाई है। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा कि हम अब एंटीजन टेस्ट जैसी एक नई रणनीति लागू करने जा रहे हैं। इससे काफी हद तक संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी।

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Coronavirus Test - फोटो : Social Media
रैपिड एंटीजन टेस्ट किफायती तकनीक है और महज 15 से 20 मिनट में जांच रिपोर्ट आ जाती है। हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि आरटीपीसीआर टेस्ट की तुलना में रैपिड एंटीजन टेस्ट कम विश्वसनीय होते हैं। इसका उपयोग नर्सिंग होम में रहने वाले रोगियों, कर्मचारियों समेत अन्य लोगों का परीक्षण करने के लिए किया जाएगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दुनियाभर के लोगों को कोरोना की एक कारगर और सुरक्षित वैक्सीन का इंतजार है। रूस और चीन ने अंतिम चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले ही वैक्सीन को मंजूरी दे दी और आपातकालीन अप्रूवल के तहत उच्च जोखिम वर्ग के लोगों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया है। वहीं, भारत, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन समेत कई अन्य देश भी वैक्सीन पर कामयाबी के करीब हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कोरोना की कुछ सुरक्षित और कारगर वैक्सीन उपलब्ध होगी। 
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