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विशेषज्ञ से जानिए: आखिर फिर तेजी से क्यों बढ़ने लगे हैं कोरोना के केस? चीन में बेहद सख्ती के बाद भी हालात बदतर

Fri, 22 Apr 2022 02:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एक बार फिर से बढ़ते कोरोना के मामले - फोटो : PTI
भारत सहित दुनिया के कई अन्य देशों में एक बार फिर से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं। भारत में भी पिछले कुछ दिनों से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब नौ राज्यों में संक्रमण की रफ्तार काफी तेजी से बढ़ती रिपोर्ट की गई है। दैनिक पॉजिटिविटी रेट का बढ़ना बड़ी समस्या की तरफ इशारा माना जा रहा है, फिलहाल नोएडा का पॉजिटिविटी रेट सबसे अधिक 10.61 फीसदी के करीब बताया जा रहा है। बीते 24 घंटे में 2400 से अधिक संक्रमण ने नए मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। तीसरी लहर के बाद पहली बार आर-वैल्यू एक के ऊपर पहुंची है। यह कोविड-19 के प्रसार का सूचक है।

दुनिया के कई अन्य देशों से भी इसी तरह के हालात की सूचना मिल रही है। चीन में जीरो कोविड पॉलिसी के बाद भी शंघाई शहर में पिछले दिनों तेजी से दैनिक केस में इजाफा हुआ है जिसके कारण कुछ स्थानों पर लॉकडाउन लगा दिया गया है। ब्रिटेन और ब्राजील से मिल रहे कोरोना के अपडेट भी इसी तरह के केस बढ़ने की ओर इशारा करते हैं।

एक समय जब ऐसा लगने लगा था कि जैसे कोरोना खत्म हो गया है, ऐसे में फिर एक बार संक्रमण का बढ़ना विशेषज्ञों के लिए नई मुसीबतों का कारण बन रहा है। आखिर एक बार फिर से दुनियाभर में कोरोना क्यों तेजी से पैर पसारने लगा है? आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।
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चीन में बढ़ते कोरोना के मामले - फोटो : Pixabay
जीरो कोविड पॉलिसी के बाद भी चीन में बिगड़े हालात

चीन, जीरो कोविड पॉलिसी पर काम कर रहा है। इसके तहत मामले बढ़ते ही लॉकडाउन लगाने और तेजी से जांच के दायरे को बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। हालांकि, बावजूद इसके संक्रमण के मामले देश में तेजी से बढ़े हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीरो कोविड पॉलिसी के तहत जिन लोगों का टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आता है, उन्हें सख्ती से क्वारंटीन नियमों का पालन करना होता है। यहां तक कि अगर बच्चे भी संक्रमित हो जाते हैं तो उन्हें  माता-पिता से अलग कर दिया जाता है।

इजरायली रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2020 में कोविड-19 पॉजिटिव हुए 9 और 13 साल के दो बच्चों को एक महीने के लिए अस्पताल में आइसोलेटेड रखा गया था। इतने सख्त नियमों के बावजूद चीन में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। 
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चीन-कोरोना वायरस अपडेट - फोटो : Pixabay
सख्ती के बाद भी क्यों बढ़ रहे हैं केस?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन जैसे देश जहां इतनी ज्यादा सख्ती है, फिर भी वहां संक्रमण बढ़ने का प्रमुख कारण ओमिक्रॉन और एक्सई वेरिएंट को माना जा रहा है। कोरोना के ये वैरिएंट्स अत्याधिक संक्रामकता दर वाले हैं। हाल में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.1 और BA.2 के संयोजन से उपजे एक्सई वैरिएंट की अत्याधिक संक्रामकता को लेकर अलर्ट किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार को शंघाई में 18,000 से अधिक नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। 

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नए कोरोना वायरस वैरिएंट्स - फोटो : Pixabay
डब्ल्यूएचओ ने किया अलर्ट

दुनियाभर में तेजी से बढ़ते संक्रमण को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों को अलर्ट किया है। डब्ल्यूएचओ ने एक हालिया रिपोर्ट में कहा कि वैसे तो दुनियाभर में रिपोर्ट किए गए नए कोविड-19 के मामलों में पिछले सप्ताह लगभग एक चौथाई की कमी आई है। साप्ताहिक रिपोर्ट में स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि 11 से 17 अप्रैल के बीच लगभग 5.59 मिलियन मामले सामने आए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 24% कम है। मौतों की संख्या भी कम हुई है। हालांकि कुछ देशों में हालात बिगड़ रहे हैं, ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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कोरोना संक्रमण अपडेट भारत - फोटो : iStock
भारत में बिगड़ती स्थिति

भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां पिछले कुछ दिनों से संक्रमण के मामलों में उछाल देखा जा रहा है। मार्च के अंत तक जहां हालात काफी सामान्य से लग रहे थे, वहीं 21 अप्रैल को देशभर में करीब 2451 नए मामले दर्ज किए गए।

एक सर्वे के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में पिछले 15-20 दिनों में संक्रमण के मामलों में 500 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी गई है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पंजाब सहित कई राज्यों में एक बार फिर से मास्क लगाने को अनिवार्य कर दिया गया है।
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कोरोना संक्रमण से बचाव जरूरी - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में कोविड-19 मामलों के विशेषज्ञ का कहना है कि नए वैरिएंट्स का प्रभाव भारत सहित दुनिया के कई देशों में देखा जा रहा है। अध्ययनों में जिस तरह की इनकी संक्रामता दर बताई जाती है, वह डराने वाली है। इससे बचाव के लिए सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मास्क को लेकर विशेष अलर्ट रहें, इसमें कोई लापरवाही बिल्कुल न करें। कोविड एप्रोप्रिएट नियमों का पालन ही आपको महामारी से सुरक्षित रखेगा। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला किसी दावे की पुष्टि नहीं करता है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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