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Coronavirus Source: कोरोना पर चौंकाती है इटली की ये स्टडी, चीन से नहीं कहीं और से आया वायरस

Thu, 23 Jul 2020 10:23 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। विश्व के 200 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में ले चुका यह वायरस आखिर आया कहां से, इसको लेकर शुरुआत से अबतक कई विरोधाभासी रिपोर्ट सामने आ चुकी है। शुरुआत में आई कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया गया था कि यह वायरस चीन के वेट मार्केट यानी मीट के बाजार से फैला है। वहीं, कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि यह चीन की प्रयोगशाला में तैयार किया गया है। हालांकि चीन की आपत्ति के बावजूद दुनिया इस बात पर सहमत है कि यह वायरस चीन में ही जन्मा है। लेकिन इटली की एक नई स्टडी में कहा जा रहा है कि वहां कोरोना वायरस के शुरुआती मामले चीन से नहीं, बल्कि कहीं और से आए थे। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • इटली की मिलान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कार्लो फेडेरिको पेर्नो की अगुवाई में की गई इस रिसर्च स्टडी में वायरस के स्ट्रेन के बारे में नई जानकारी सामने आई है। शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च स्टडी में फरवरी और अप्रैल महीने के बीच लोम्बार्डी क्षेत्र के 300 से अधिक कोरोना मरीजों के ब्लड सैंपल जमा किए और उनके जीन में हुए बदलाव से वायरल स्ट्रेन की उत्पत्ति का पता लगाया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • कोरोना फैलने की आशंका पर चीन की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने और वहां की सभी उड़ानों पर रोक लगाने वाला इटली पहला देश था। लेकिन शोधकर्ताओं के अनुसार ब्लड सैंपल वाले मरीजों के जीनोम सिक्वेंस से पता चला है कि कोरोना वायरस के प्रसार में चीन सीधे तौर पर श्रृंखला में शामिल नहीं था।

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Coronavirus - फोटो : Pixabay
  • शोधकर्ताओं का कहना है कि 20 फरवरी को लोम्बार्डी के स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थानीय संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि की थी, लेकिन सामुदायिक प्रसार की शुरुआत इससे पहले ही हो चुकी थी। मालूम हो कि इटली का समृद्ध क्षेत्र लोम्बार्डी कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली जगहों में से एक है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • प्रोफेसर पेर्नो की टीम ने क्षेत्र के 12 प्रांतों में से 371 कोरोना मरीजों के ब्लड सैंपल लिए। इसके लिए उन्होंने अस्पताल में इलाजरत कोरोना वायरस के मामूली, मध्यम और गंभीर लक्षण वाले मरीजों का चयन किया। इस स्टडी में देखा गया कि ये वायरस स्ट्रेन दो अलग-अलग वंशानुक्रम के थे जिन्होंने कुछ क्षेत्रो में ज्यादा प्रभाव डाला। लेकिन इनमें वो वायरल स्ट्रेन नहीं पाया गया जिसे चीन में शुरूआत में ही पृथक कर रख लिया गया था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • मालूम हो कि रोम में एक चीनी कपल के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इटली ने 31 जनवरी को चीन के यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि इटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की पूर्व में हुई एक स्टडी के अनुसार, दिसंबर के मध्य में ही मिलान और ट्यूरिन शहर में सीवेज के पानी में वायरस की मौजूदगी देखी गई थी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • प्रो. पेर्नो की इस नई स्टडी से पता चलता है कि लोम्बार्डी क्षेत्र का वायरस कई जगहों पर पहले से था। इसने अलग-अलग जगहों में कई पृथक समूहों का गठन किया। शोधकर्ताओं के अनुसार इस वायरस के स्रोत की एक संभावित दिशा मध्य यूरोप थी। कारण कि मध्य यूरोप में वायरस का ऐसा ही एक स्वरूप पाया गया था।
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Research Study - फोटो : iStock
  • इटली की यह स्टडी अकेली नहीं है, जिसमें कोरोना वायरस के चीन से नहीं बल्कि कहीं और से आने की बात कही गई हो। इससे पहले स्पेन, न्यूयॉर्क और पेरिस की स्टडी में भी इस बात का जिक्र किया जा चुका है कि यह जरूरी नहीं, कोरोना वायरस का चीन से सीधा संबंध हो। हालांकि ऐसे तमाम अध्ययन दुनिया को चौंकाते हैं। 
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