Medically Reviewed by-
डा. कमल बी कपूर
(मेडिकल डायरेक्टर, नेत्र रोग विशेषज्ञ)
नई दिल्ली
अनुभव- 25 वर्ष
पिछले दो साल से अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोरोना के संक्रमण ने सेहत को बुरी तरह से प्रभावित किया है। महामारी के कारण शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के दुष्प्रभाव देखने को मिले हें। विशेषकर डेल्टा जैसे वैरिएंट से संक्रमण के कारण लोगों को गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ा। इन सब से अलग लोगों में कोरोना के अप्रत्यक्ष दुष्प्रभाव भी देखने को मिल रहे हैं, मतलब महामारी का असर उन लोगों की सेहत पर भी देखा जा रहा है जो संक्रमण का शिकार भी नहीं रहे थे। अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन और होम आइसोलेशन जैसे नियमों के कारण सामान्य जीवनशैली प्रभावित हुई, जिसका कई तरह से सेहत पर दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं।
महामारी के दो साल बाद कई लोग आंखों से संबंधित तमाम तरह की समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली में आए परिवर्तन ने दृष्टि शक्ति पर जबरदस्त दुष्प्रभाव डाला है। महामारी के दौरान आंखों में सूखापन, खुजली, लालिमा, दोहरी दृष्टि, धुंधली दृष्टि से संबंधित शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। इस दौर की इन समस्याओं को 'डिजिटल आई स्ट्रेन' का नाम दिया गया है। आइए आगे की स्लाइडों में इस समस्या के बारे में विस्तार से जानने को कोशिश करते हैं।