फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वायरस ग्रस्त एक भारतीय चार अन्य लोगों को कर सकता है संक्रमित, आईसीएमआर ने बताए उपाय

Thu, 26 Mar 2020 08:03 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
कोरोना वायरस के संक्रमण से दुनियाभर के कई देश चिंता में हैं और इसे रोकने के लिए लगातार शोध और अध्ययन हो रहे हैं। भारत में भी हर दिन कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। इतना तो तय है कि कोरोना वायरस एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में फैल रहा है। इसके बढ़ते संक्रमण के संबंध में इंडियन मेडिकल काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) यानी भारतीय आयुर्विज्ञान शोध परिषद ने मैथमैटिकल मॉडलिंग पर आधारित तथ्यों की एक स्टडी की है, जिसमें कई तरह के चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
हालांकि आईसीएमआर का यह अध्ययन फरवरी अंत तक के आंकड़ों पर आधारित है। तब देश में कोरोना संक्रमण पहले स्टेज में ही था। तभी के आंकड़ों के आधार पर इस स्टडी में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस से से संक्रमित एक भारतीय औसतन 1.5 लोगों को संक्रमित कर सकता है, जबकि यह संक्रमण बुरी तरह फैला तो हर नया संक्रमित व्यक्ति अन्य चार लोगों को कोरोना से संक्रमित कर सकता है। 
विज्ञापन

3 of 5
सांकेतिक चित्र - फोटो : Social Media
मैथमेटिकल मॉडल बेस्ड एप्रोच आधारित आईसीएमआर के इस अध्ययन का नाम है— प्रूडेंट पब्लिक हेल्थ इंटरवेंशन स्ट्रेटजी टू कंट्रोल द कोरोना वायरस डिजीज ट्रांसमिशन इन इंडिया। इस अध्ययन में वायरस के तेजी से फैलने के बारे में आंकड़े जुटाए गए हैं। बताया गया है कि नए आंकड़ों में एक से कम संक्रमण होने का मतलब है कि वायरस खत्म होने वाला है। वहीं दो नए संक्रमण होने का तात्पर्य है कि गहन जांच और ठोस कदम के बिना इस पर काबू पाना मुश्किल है।

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
हालांकि यह स्टडी फरवरी के अंत तक के आंकड़ों पर ही आधारित है, जब कोरोना संक्रमण भारत में पहले स्टेज में ही था। अब संक्रमण के नए मामले आने कम नहीं हुए तो देश कोरोना संक्रमण के स्टेज-2 से स्टेज-3 यानी कम्यूनिटी ट्रांसमिशन की स्थिति में चला जाएगा, जो स्थिति भयावह हो सकती है। मालूम हो कि देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 25 मार्च बुधवार रात तक 600 के पार हो चुकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Dr. Raman Gangakhedkar, Head, Epidemiology & Communicable Diseases, ICMR. - फोटो : Social Media
आईसीएमआर ने बताए उपाय भी
आईसीएमआर की ओर से हुई इस स्टडी में कुछ कारगर उपाय भी बताए गए हैं। बताया गया है कि लोगों को क्वारंटीन करने से इस महामारी का संक्रमण 62 से 89 फीसदी तक कम किया जा सकता है। सोशल डिस्टेंसिंग इस महामारी को काबू करने का प्रमुख उपाय साबित होगा। आईसीएमआर के महामारी विशेषज्ञ प्रमुख डॉ. रमन आर गंगखेडकर ने कहा कि हमारा उद्देश्य आने वाले समय में बढ़ते संक्रमितों की संख्या का पता लगाना नहीं था, लेकिन यह तकनीक तौर पर उपयोगी साबित हो सकता है। लॉकडाउन और थर्मल स्क्रीनिंग जैसे कदम हमारी स्टडी के अनुरूप हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें