क्रोनिक बीमारियों के कारण दुनियाभर में हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है।
द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित हालिया अध्ययन की रिपोर्ट में इसको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया, साल 2021 में कोविड-19 वैश्विक स्तर पर मौत का दूसरा प्रमुख कारण रहा है। प्रति एक लाख आबादी पर 94 मौतें हुईं और जीवन प्रत्याशा में 1.6 साल की कमी आई। वहीं सबसे ज्यादा मौतें इस्केमिक हृदय रोग और स्ट्रोक के कारण रिपोर्ट की गईं।
विशेषज्ञों ने कहा, कोरोना महामारी ने संपूर्ण स्वास्थ्य पर कई प्रकार से नकारात्मक असर डाला है और 2021 में इसके सबसे खतरनाक स्ट्रेन डेल्टा का असर दुनियाभर में देखा गया।
शोधकर्ताओं ने कहा, तीन दशकों से अधिक समय से लोगों की जीवन प्रत्याशा और मृत्युदर में काफी सुधार देखा जा रहा था, हालांकि कोविड-19 के कारण इसमें एक बार फिर से बड़ा परिवर्तन आ गया। लोगों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी में कोरोना के कारण एक बार फिर से कमी देखी गई। लाइफ एक्सपेक्टेंसी की मतलब निश्चित आयु में व्यक्ति के जीने की अवधि से अतिरिक्त वर्षों की औसत संख्या है।