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Dengue: इस बार क्यों ज्यादा गंभीर हैं डेंगू के मामले? विशेषज्ञ बोले- कोरोना संक्रमित रहे लोग हो जाएं अलर्ट

Sat, 21 Oct 2023 06:49 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेंगू संक्रमण की गंभीरता - फोटो : iStock
भारत सहित पड़ोसी राज्यों बांग्लादेश, पाकिस्तान में भी इस बार डेंगू के मामले बढ़ने की खबरे हैं। सितंबर-अक्तूबर के महीनों में हर साल डेंगू के कारण स्थिति बिगड़ती हुई देखी जाती रही है, पर इस बार रोगियों में गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक हो रहा है। डॉक्टर बताते हैं, वैसे तो ज्यादातर लोग संक्रमण से आसानी से ठीक हो जा रहे हैं, हालांकि कुछ लोगों में तेजी से प्लेटलेट्स गिरने और गंभीर रोग विकसित होते हुए देखा जा रहा है। आखिर इसके क्या कारण हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों में इस बार डेंगू के खतरनाक स्ट्रेन DEN-2 की पुष्टि की जा रही है, जिससे संक्रमितों में गंभीर जटिलताएं अधिक हो सकती हैं। इसके अलावा हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि डेंगू के गंभीर रूप लेने में कोरोना की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

आइए जानते हैं कि इन दोनों बीमारियों का आपस में क्या संबंध है?
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कोविड-19 औरड डेंगू - फोटो : istock
कोविड-19 और डेंगू कनेक्शन

डेंगू के मामलों की संख्या में वृद्धि के लिए भारी बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन एक हालिया अध्ययन में इसके पीछे कोविड-19 एंटीबॉडीज को भी एक कारण माना जा रहा है।

ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (THSTI) की अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि डेंगू के सार्स-सीओवी-2 एंटीबॉडी से क्रॉस-रिएक्ट के कारण डेंगू संक्रमण और इसके गंभीर रूप लेने का जोखिम अधिक हो सकता है। यानी कि अगर आप कोविड-19 के शिकार रह चुके हैं और अगर आप डेंगू की चपेट में आ जाते हैं तो यह स्थिति आपमें गंभीर समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है।
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डेंगू के गंभीर रोग के मामले - फोटो : istock
कोविड एंटीबॉडीज, डेंगू के साथ कर सकती हैं क्रॉस-रिएक्शन

यह पहला अध्ययन है जिसमें पता चलता है कि कि सार्स-सीओवी-2 एंटीबॉडी, डेनवी-2 (डेंगू वायरस 2) के साथ क्रॉस-रिएक्शन कर सकती हैं। इसके संक्रमण बढ़ने  का जोखिम रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानव प्रतिरक्षा प्रणाली अत्यधिक जटिल नेटवर्क है, और कभी-कभी किसी वायरस के जवाब में उत्पादित एंटीबॉडी भी, दूसरे संक्रमणों के लिए खतरनाक हो सकती हैं।

कोविड-19 एंटीबॉडी और डेंगू के मामले में, यह जांच करना महत्वपूर्ण है कि कोविड-19 एंटीबॉडी की उपस्थिति अनजाने में डेंगू संक्रमण की गंभीरता को बढ़ा सकती है। 
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डेंगू संक्रमण का कहर - फोटो : istock
कोरोना संक्रमित रहे हैं तो हो जाएं सावधान

अध्ययनकर्ता कहते हैं, इन तंत्रों को व्यापक रूप से समझने के लिए आगे और अधिक शोध आवश्यक है। हालांकि इस शोध के आधार पर पता चलता है कि जो लोग पहले कोरोना से संक्रमित रह चुके हैं उन्हें डेंगू से बचाव को लेकर और अलर्ट हो जाने की आवश्यकता है। डेंगू के उपचार के दौरान डॉक्टरों को भी इस बात की जांच जरूर करनी चाहिए कि कहीं रोगी को पहले कोरोना का संक्रमण तो नहीं रहा है? ऐसे लोगों में संक्रमण की स्थिति पर भी गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है। 



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स्रोत और संदर्भ
SARS-CoV-2 antibodies cross-react and enhance dengue infection

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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