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190 देशों को ऐसे मिलेगी कोरोना वैक्सीन की 200 करोड़ खुराक, जानें ताजा अपडेट्स

Sat, 19 Dec 2020 05:16 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock
कोरोना वायरस महामारी से बचने के लिए काफी लंबे समय से एक अच्छी खबर आ रही है, और वो ये कि इस वायरस को मात देने के लिए कई तरह की वैक्सीन लगभग अपने आखिरी चरण में हैं तो कुछ वैक्सीन बनकर तैयार भी हैं, जिन्हें सिर्फ हरी झंड़ी मिलने की देरी है। ऐसे में हर देश चाह रहा है कि उसको ये वैक्सीन जल्द से जल्द मिल जाए, लेकिन क्या कोरोना वैक्सीन को पाना हर देश के लिए इतना आसान है? वैक्सीन पाने के लिए किसी तरह की कोई भगदड़ ना हो, इसके लिए लगभग सभी देशों की सरकारें अपने स्तर पर इंतजाम तो कर ही रही हैं, लेकिन इसके अलावा भी एक व्यवस्था की गई है, जिससे पूरे विश्व को कोरोना वैक्सीन आसानी से मिल सकेगी। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
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भारत में कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
दरअसल, विश्व के सभी देशों को कोरोना वायरस को मात देने के लिए वैक्सीन बिना किसी परेशानी के मिल जाए। इसके लिए ग्लोबल वैक्सीन पार्टनरशिप इनिशिएटिव कोवैक्स यानी COVAX ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 200 करोड़ वैक्सीन की डोज खरीदने की व्यवस्था की है। ऐसे में COVAX एस्ट्रेजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा बनाई गई 20 करोड़ वैक्सीन खरीदेगी। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, वैक्सीन एलायंस गावी और बिल एंड मोलिंडा गेट्स फाउंडेशन से COVAX ने इसको लेकर एक समझौता किया है। 
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock
इस करार के तहत विश्व के 190 देशों को वायरस को मात देने के लिए 200 करोड़ वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी, ताकि उन्हें इसे लेने में कोई दिक्कत ना हो। COVAX पहल की शुरुआत इसलिए की गई है ताकि साल 2021 में विश्व स्वास्थ्य संगठन और देशों का रेगुलेटरी बॉडीज द्वारा मान्यता प्राप्त कोरोना वायरस वैक्सीन की 200 करोड़ असरदार वैक्सीन को विश्व के हर एक कोने में पहुंचाना है। वो भी बिना किसी भेदभाव के।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
जिस देश की जितनी संख्या उस हिसाब से वैक्सीन उन्हें दी जाएगी। साथ ही इन देशों के जो लोग सबसे पहले वैक्सीन पाने के हकदार होंगे, उन्हें ये दी जाएगी। उनमें हेल्थेकेयर वर्कर्स, बुजुर्ग और उसके बाद संक्रमित लोग शामिल होंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने COVAX की इस पहल का स्वागत किया। इस पर डब्ल्यूएचओ की तरफ से कहा गया कि इस पहल से सभी देशों को उनकी जरूरत के हिसाब से ना सिर्फ वैक्सीन उपलब्ध कराई जा सकेगी, बल्कि इमरजेंसी के लिए भी स्टॉक रखा जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
उम्मीद की जा सकती है कि इस पहल से पूरे विश्व के देशों को वैक्सीन मिलने में काफी मदद पहुंचेगी। सीरम इंसटीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अगर पूनावाला का कहना है कि उनकी कंपनी ने 10 करोड़ नोवोवैक्स वैक्सीन और 10 करोड़ एक्ट्राजेनेका ऑक्सफोर्ड वैक्सीन मुहैया कराने का समझौता किया है। यही नहीं, उन्होंने ये भी जानकारी दी कि जरूरत पड़ने पर और 90 करोड़ वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी। इस तरह से बिना भेदभाव के सभी को उनकी जरूरत के हिसाब से वैक्सीन मिलने में काफी मदद मिल सकती है।
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