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कोरोना अलर्ट: डेल्टा प्लस वैरिएंट से बचाव के ये हैं कुछ तरीके, काफी खतरनाक है वायरस का नया रूप

Mon, 28 Jun 2021 03:06 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेल्टा प्लस - फोटो : pixabay
डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)

Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik

कोरोना वायरस महामारी पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से हमारे बीच में है, और ये हर दिन काफी संख्या में लोगों को संक्रमित कर रही है और कई लोग इस वायरस की वजह से अपनी जान भी गवा रहे हैं। ये वायरस काफी खतरनाक है और पलक झपकते ही व्यक्ति को अपना शिकार बना लेता है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर भी आ चुकी है, और हर किसी ने देखा की इसने कितनी तबाही मचाई। लेकिन अभी दूसरी लहर थोड़ी कम ही हो रही थी कि भारत में कोरोना के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट ने डॉक्टर्स से लेकर आम लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है। कई राज्यों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में इनके लक्षणों को पहचानकर समय पर इलाज करना और कुछ बातों का ध्यान रखकर भी आप खुद को संक्रमित होने से बचा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं बचाव के तरीकों के बारे में।
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कोरोना डेल्टा प्लस वैरिएंट - फोटो : Amar Ujala
तीसरी लहर का बन सकता है कारण
  • दरअसल, सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि आखिर ये डेल्टा प्लस क्या है? ये कोरोना वायरस का एक नया रूप है। डेल्टा प्लस प्रकार वायरस के डेल्टा या बी1.617.2 प्रकार में उतपरिवर्तन होने से बना है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में लोग डेल्टा प्लस से संक्रमित हो चुके हैं। वही, विशेषज्ञ इस नए वैरिएंट को तीसरी लहर के कारण के तौर पर भी देख रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
क्या हैं इसके लक्षण?

-बुखार आना
-दर्द होना
-सूखी खांसी होना
-त्वचा पर चकत्ते होना

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
-थकान महसूस होना
-गले में खराश
-सीने में दर्द उठना
-पैर की उंगलियों और उंगलियों का मलिनकिरण
-दस्त लगना
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
-स्वाद और गंध की हानि
-सांस फूलना
-सिरदर्द होना
-बोलने में तकलीफ होना
-सांस लेने में कठिनाई होना।
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Double mask - फोटो : istock
क्या है बचाव के तरीके?

-इस वायरस से बचने का सबसे पहला और सबसे जरूरी हथियार मास्क है। घर से बाहर जाते समय एक अच्छा और चेहरे को ढकने वाला मास्क पहने। आप डबल मास्क भी पहन सकते हैं

-जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले और बच्चों को कहीं भी बाहर न जाने दें
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
-अपने हाथों को समय-समय पर साबुन या हैंडवाश की मदद से धोते रहें या फिर आप अपने हाथों को सैनिटाइजर से भी साफ कर सकते हैं

-पहले तो बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न जाएं, लेकिन अगर आप बाहर जा रहे हैं तो सामाजिक दूरी का ध्यान रखें। अपने आसपास मौजूद लोगों से दूरी बनाकर रखें।

नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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