प्रतीकात्मक तस्वीर
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किन खाद्य पदार्थों को समृद्ध किया जा सकता है, ये जगह पर निर्भर करता है, लेकिन दूध आधारित उत्पाद और सोया, ओट्स, बादाम, चावल, फ्रूट जूस, और खाद्य तेलों में भी इसे मिलाया जा सकता है। यहां तक अंडों में भी विटामिन मिलाया जा सकता है। विटामिन डी की कमी का स्तर क्या है, इसके हिसाब से सरकारें या तो खाद्य पदार्थों में विटामिन मिलाने के कार्यक्रम को अनिवार्य कर सकती हैं या फिर इसे उत्पादकों पर छोड़ सकती हैं।
इस समय कनाडा और फिनलैंड जैसे देशों में ही खाने में विटामिन डी मिलाया जा रहा है। इन दोनों ही देशों में प्राकृतिक धूप लोगों को कम ही मिल पाती है। फिनलैंड की हेल्सिंकी यूनिवर्सिटी में खाद्य पदार्थों और पोषण के विशेषज्ञ प्रोफेसर क्रिस्टेल लैमबर्ग-अलार्ड्ट कहते हैं, 'विचार ये है कि ऐसे खाद्य पदार्थ में विटामिन डी मिलाया जाए जो आमतौर पर लोग खाते हैं ताकि लोगों को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मिलता रहे, बिना ये सोचे हुए कि वो क्या खा रहे हैं।'