प्रतीकात्मक तस्वीर
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उनके हार्ट की हालत पहले से बेहतर है, सांस से जुड़ी तकलीफ भी कम है, लेकिन अभी भी बीमारी का उनके और उनके परिवार पर बहुत बुरा असर हो रहा है। उनके पार्टनर ऐश में भी लक्षण आ गए हैं, जो कि आसानी से नहीं जाएंगे। इस कारण उनके बच्चों को सफाई और खाना बनाने जैसे घर के सारे काम करने पड़ रहे हैं। वो कहती हैं, 'कई लोगों को मामूली लक्षण की श्रेणी में रखा जा रहा है, लेकिन ये मामूली लक्षण नहीं हैं। हमें उन्हें सपोर्ट करना होगा।'
जो को निमोनिया हुआ था, लेकिन उनका कोरोना वायरस टेस्ट नहीं किया गया था। उन्हें अस्पताल में भर्ती भी नहीं कराया गया था। वो कहती हैं, 'हम लोग बहुत बीमार थे, हम लोग डरे हुए भी थे।' रिपोर्ट में अस्पतालों के अलावा कम्यूनिटी से भी लोगों का साथ देने की अपील की गई है। इसमें ये भी कहा गया है कि ऑनगोइंग कोविड का कुछ समूहों, जैसे काले या एशियाई लोग या वो जिन्हें किसी तरह की मानसिक बीमारी है, पर बुरा असर पड़ सकता है। डॉक्टर मैक्सवेल कहती हैं, 'हमारी कोशिश है कि इसकी मदद से हेल्थकेयर सर्विस और स्टाफ, मरीजों को बेहतर तरीके से समझें और उन्हें बेहतर इलाज और सपोर्ट देने में मदद मिले।