कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच कुछ अच्छी खबरें भी सामने आ रही है। जैसे-जैसे दुनियाभर के कई देश वैक्सीन बनाने के करीब पहुंच रहे हैं, इसके उत्पादन और वितरण को लेकर स्वास्थ्य संस्थाएं और समितियां अपनी भूमिकाएं भी तय करती जा रही हैं। वैक्सीन पर कामयाबी के बाद इसकी फंडिंग और वितरण बड़ी समस्या है। अमीर देशों के लिए यह मुश्किल नहीं, लेकिन गरीब देशों के लिए यह बड़ी समस्या है। ऐसे में सीरम इंडिया, मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन और गावी एलायंस ने फंडिंग कर निम्न और मध्यम देशों के लिए 20 करोड़ डोज तैयार करने की बात कही है। पहले 10 करोड़ खुराक के लिए सहमति बनी थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है।