प्रतीकात्मक तस्वीर
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बीसीजी को लेकर ब्रिटेन में चल रहा ट्रायल एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन का हिस्सा है। ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, स्पेन और ब्राजील जैसे देशों में भी 10,000 लोगों पर ये ट्रायल चल रहा है। ट्रायल के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों और देखभाल में लगे उन लोगों को विशेष तौर पर ध्यान में रखा गया है, जिन्हें कोरोना वायरस का संक्रमण होने की आशंका सबसे अधिक है। इसलिए अगर ये वैक्सीन प्रभावी होता है तो शोधकर्ताओं को इसके असर के बारे में फौरन पता चल पाएगा। एक्सेटर के डॉ. सैम हिल्टन ट्रायल में हिस्सा ले रहे हैं, क्योंकि उन्हें कोरोना होने की आशंका किसी और की तुलना में अधिक है।