फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus Vaccine: कोरोना वैक्सीन आने पर टीकाकरण कैसे किया जाएगा? विशेषज्ञ से जानें सबकुछ

Sat, 05 Dec 2020 02:15 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
भारत में कोरोना वैक्सीन - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर अब छह करोड़ 62 लाख से भी अधिक हो गए हैं जबकि मरने वालों की संख्या भी 15 लाख 24 हजार से अधिक है। हालांकि इस महामारी को खत्म करने के लिए वैक्सीन बनाने का काम जारी है और इस बीच हाल ही में खबर आई थी कि ब्रिटेन कोविड वैक्सीन को मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। इस वैक्सीन को अंतिम चरण के परीक्षण में 95 फीसदी प्रभावी पाया गया था। कहा जा रहा है कि ब्रिटेन में अब यह वैक्सीन अगले हफ्ते से बाजार में आने लगेगी। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि भारत में अगर वैक्सीन आएगी तो आखिर टीकाकरण कैसे किया जाएगा और साथ ही कोरोना से जुड़े अन्य जरूरी सवालों के जवाब भी...
विज्ञापन

2 of 6
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड वैक्सीन आने पर टीकाकरण कैसे किया जाएगा? 
  • पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी के मुताबिक, 'ब्रिटेन में अभी-अभी एक वैक्सीन को अप्रूवल मिल गया है, उसका इंतजार है। बाकी की और वैक्सीन को भी जल्द अप्रूवल मिलने की संभावना है। उम्मीद है कि एक से ज्यादा वैक्सीन आएंगी। हमारे देश में भी जिनका ट्रायल चल रहा है, उनमें से कोई न कोई वैक्सीन कामयाब जरूर होगी। जब वैक्सीन आएगी तब पहले उनको दी जाएगी, जिनको वायरस का खतरा ज्यादा है और उनको, जिनकी जरूरत समाज के लिए ज्यादा है। फिर जो लोग बड़ी बीमारियों से ग्रसित हैं या वृद्ध हैं। उसके बाद बाकियों को दी जाएगी।' 
विज्ञापन

3 of 6
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर घर में कोई संक्रमित हो गया है, तो क्या सावधानी बरतें? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी बताते हैं, 'घर में अगर कोई संक्रमित है, तो संक्रमण फैलना, नहीं फैलना घर के वातावरण पर निर्भर करता है। जहां खुली हवा है, वेंटिलेशन अच्छा है, वहां वायरस ज्यादा देर टिकता नहीं है। अगर घर बंद रहता है, तो वहां मौजूद बाकी लोग संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि अगर एक व्यक्ति को कोरोना है, तो सभी को दूरी बनाकर रखना है। और हां, मरीज की देखभाल बहुत जरूरी है।' 

4 of 6
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
जिन लोगों को धुएं-धूल से एलर्जी है, अगर वो संक्रमित हुए तो वायरस का असर किस हद तक हो सकता है? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी बताते हैं, 'जिनको एलर्जी है, उनको और जिनको एलर्जी नहीं है, दोनों को संक्रमण एक समान होने की संभावना रहती है, लेकिन अगर किसी भी बीमारी की वजह से फेफड़े पहले ही खराब हो चुके हैं, उनको अगर कोविड हुआ तो वे गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं। नाक बहने वाली एलर्जी, खांसी या छींक आने वाली एलर्जी वालों को बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।' 
विज्ञापन

5 of 6
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
हमारे देश में कोविड नियंत्रण में है, लेकिन दूसरे देशों में नहीं, ऐसा क्यों? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी के मुताबिक, 'अलग-अलग देशों की परिस्थितियां भिन्न हैं। कुछ देशों में बूढ़े लोगों की संख्या अधिक है, कुछ देशों में लोग सरकार की बात नहीं मानते, तो कुछ में लोग मास्क नहीं लगाते। ऐसी तमाम बातें हैं, जिनकी वजह से अलग-अलग देशों में कोविड अलग तरीके से फैल रहा है।' 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या केवल पानी से हाथ धोना काफी नहीं है? 
  • डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी बताते हैं, 'वैसे तो वायरस पानी से भी बह जाता है, लेकिन साबुन का अपना अलग काम होता है। साबुन का झाग वायरस की लेयर को कमजोर कर देता है और फिर वायरस त्वचा पर रुकता नहीं है। इसलिए साबुन से हाथ धोना ज्यादा प्रभावी होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी साबुन से ही हाथ धोने की सलाह दी है।' 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें