हम जब सोते हैं तब हमारे शरीर के भीतर कई सारी रसायनिक गतिविधियां होती हैं। हम जो भोजन खाते हैं , वो पचने के बाद ऊर्जा में परिवर्तित होता है। जिस माध्यम से यह प्रक्रिया होती है, वह मेटाबॉलिज्म है। मेटाबॉलिज्म के सुस्त पड़ने से शरीर में थकावट महसूस होने लगती है, डायबिटीज होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती है। कई बार अचानक वजन बढ़ने या घटने लगता है। शरीर में चुस्ती-फुर्ती नहीं रहती है, समय-बेसमय शरीर में दर्द होने लगता है, मांसपेशियों में कमजोरी, ह्रदय गति का कम होना, अवसाद आदि समस्याएं इसी कारण से होने लगती है। इसलिए बहुत जरूरी है कि हमारा मेटाबॉलिज्म कम न रहे। यदि आपका भी मेटाबॉलिज्म कम है तो अगली स्लाइड्स से जानिए मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के उपाय।