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Coronavirus Vaccine: कोरोना वैक्सीन के 'कोवाक्स प्लान' में शामिल हुए 184 देश, जानिए क्या हैं इसके मायने

Tue, 20 Oct 2020 10:12 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस कब खत्म होगा? कोरोना की वैक्सीन आखिर बाजार में कब आएगी? इन सभी सवालों के जवाब अब तक नहीं मिल पाए हैं, लेकिन दुनियाभर के वैज्ञानिक इसको लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं कि वैक्सीन जल्द से जल्द बाजार में आ जाए। ऐसा माना जा रहा है कि वैक्सीन इस साल के अंत तक या अगले साल बाजार में उपलब्ध हो जाएगी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या कम आय वाले देशों को वैक्सीन मिलने में समय लगेगा और अमीर और ताकतवर देशों को पहले वैक्सीन मिल जाएगी? पहले भी ऐसे सवाल उठे थे और इसीलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन, गावी और सीईपीआई नामक संस्था ने मिलकर एक प्लान बनाया, जिसके तहत सभी को समय पर और उचित मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई जा सके। इसी प्लान को 'कोवाक्स प्लान' या 'कोवाक्स फैसिलिटी' नाम दिया गया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा है कि अब तक दुनिया के 184 देश 'कोवाक्स प्लान' में शामिल हो चुके हैं। जेनेवा में सोमवार को कोरोना वायरस के बारे में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्लान का उद्देश्य कोरोना की वैक्सीन का सभी संपन्न और कम संपन्न देशों में समान रूप से वितरण करना है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • टेड्रोस अधानोम ने कहा कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, इसलिए सरकारों के लिए यह जरूरी है कि वो संक्रमण को रोकने के लिए सभी प्रयास करें, ताकि लोगों के जीवन को बचाया जा सके। उन्होंने कोरोना से बचने के लिए बताए गए उपायों का एक बार फिर से जिक्र किया और कहा कि लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखना, मास्क पहनना, हाथ को साफ रखना, भीड़-भाड़ से दूर रहना आदि नियमों का बहुत ध्यान से पालन करना चाहिए। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अमेरिका नहीं है 'कोवाक्स प्लान' का हिस्सा 
  • वैसे तो 'कोवाक्स प्लान' में शामिल होने की आखिरी तारीख 18 सितंबर तय की गई थी, लेकिन उसके बाद भी कई देश इस प्लान में शामिल हुए हैं। हालांकि अमेरिका इस प्लान का हिस्सा नहीं है। उसने वैक्सीन की खरीद के लिए कंपनियों से अलग से कई समझौते किए हुए हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या है 'कोवाक्स प्लान' का मकसद? 
  • गावी वैक्सीन एलायंस के एक वरिष्ठ अधिकारी सेथ बर्कले ने कहा था कि 'कोवाक्स प्लान' का सबसे बड़ा मकसद यही है कि जो देश वैक्सीन खरीदने में सक्षम नहीं हैं, उन तक भी इसे आसानी से और उचित कीमत पर पहुंचाया जाए, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन, गावी और सीईपीआई के समन्वित समूह का कहना है कि कोरोना से बचने के लिए सभी लोगों को वैक्सीन मिलनी चाहिए और उचित कीमत पर मिलनी चाहिए। 
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