दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू हो चुके हैं, जिसके तहत उच्च जोखिम वाले लोगों यानी जिन्हें वैक्सीन की सबसे ज्यादा जरूरत है, स्वास्थ्यकर्मियों और 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को पहले वैक्सीन दी जा रही है। चूंकि पहले से ही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को भी प्राथमिकता सूची में रखा गया है, तो इसमें सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या एचआईवी से पीड़ित मरीजों के लिए कोरोना की वैक्सीन सुरक्षित है, क्या उन्हें वैक्सीन दिया जा सकता है, क्योंकि एचआईवी तो एक गंभीर बीमारी है, जिसे 'लाइलाज बीमारी' कहा जाता है यानी जिसका कोई इलाज नहीं है।