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Coronavirus Vaccine: क्या एचआईवी के मरीजों के लिए सुरक्षित है कोरोना वैक्सीन? जानिए इसके बारे में सबकुछ

Thu, 24 Dec 2020 11:07 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू हो चुके हैं, जिसके तहत उच्च जोखिम वाले लोगों यानी जिन्हें वैक्सीन की सबसे ज्यादा जरूरत है, स्वास्थ्यकर्मियों और 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को पहले वैक्सीन दी जा रही है। चूंकि पहले से ही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को भी प्राथमिकता सूची में रखा गया है, तो इसमें सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या एचआईवी से पीड़ित मरीजों के लिए कोरोना की वैक्सीन सुरक्षित है, क्या उन्हें वैक्सीन दिया जा सकता है, क्योंकि एचआईवी तो एक गंभीर बीमारी है, जिसे 'लाइलाज बीमारी' कहा जाता है यानी जिसका कोई इलाज नहीं है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कुछ देशों ने सिफारिश की है कि एचआईवी पॉजिटिव लोगों को कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए,  क्योंकि सबसे अधिक जोखिम वाले समूह (बुजुर्ग और फ्रंटलाइन वर्कर्स) को वैक्सीन की खुराक मिल चुकी है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
जर्मनी ने कहा है कि 60 से ज्यादा उम्र के लोगों, हृदय, गुर्दे (किडनी) और यकृत (लिवर) की बीमारी से पीड़ित लोगों के साथ-साथ एचआईवी पॉजिटिव लोगों को भी कोरोना वैक्सीन के लिए प्राथमिकता वाले मरीजों की तीसरी श्रेणी में शामिल किया जाएगा। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
वहीं, ब्रिटेन में एचआईवी से पीड़ित लोगों को टीकाकरण के लिए छठे प्राथमिकता समूह में शामिल किया जाएगा। उनसे पहले 65 और उससे अधिक उम्र के लोगों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अधिक गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
टेरेंस हिजिन्स ट्रस्ट के मेडिकल डायरेक्टर और एचआईवी विशेषज्ञ माइकल ब्रैडी कहते हैं, 'एचआईवी से पीड़ित सभी लोगों को कोविड वैक्सीन जरूर लेनी चाहिए, जब उन्हें इसकी पेशकश की जाए। (ब्रिटेन में) अगर आपका एचआईवी डॉक्टर कहता है कि आपको बहुत अधिक खतरा है, तो आपको चौथे प्राथमिकता समूह में रखा जा सकता है और आपको जल्द ही टीका लग सकता है।' चूंकि एचआईवी के मरीज तो भारत में भी हैं, लेकिन फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उन्हें वैक्सीन के लिए किस प्राथमिकता समूह में रखा जाएगा। 
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